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हाइकोर्ट ने पूर्व सांसद डॉ शांतनु सेन के मेडिकल पंजीकरण के निलंबन के फैसले को किया खारिज

Updated at : 08 Jul 2025 2:11 AM (IST)
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हाइकोर्ट ने पूर्व सांसद डॉ शांतनु सेन के मेडिकल पंजीकरण के निलंबन के फैसले को किया खारिज

कलकत्ता हाइकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ शांतनु सेन के मेडिकल पंजीकरण को दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया था.

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संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता हाइकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ शांतनु सेन के मेडिकल पंजीकरण को दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया था. न्यायाधीश अमृता सिन्हा की पीठ द्वारा काउंसिल के आदेश को खारिज किये जाने से शांतनु सेन के फिर से प्रैक्टिस करने का रास्ता साफ हो गया है. कोर्ट ने कहा कि काउंसिल को सबसे पहले शांतनु सेन को मामले में अपने निष्कर्षों पर एक विस्तृत रिपोर्ट भेजनी चाहिए थी, और फिर शांतनु सेन की दलीलें सुननी चाहिए थीं, और अंत में निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए था. न्यायाधीश ने यह भी कहा कि आगे की कार्यवाही के मामले में, स्टेट मेडिकल काउंसिल को उसी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए.ॉ पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल के आदेश के अनुसार, शांतुन सेन के मेडिकल पंजीकरण को दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने इस योग्यता को परिषद के साथ पंजीकृत किये बिना लेटरहेड पर रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन (ग्लासगो) के फेलो की स्नातकोत्तर योग्यता का हवाला दिया था. परिषद के एक प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में, ग्लासगो को एक ईमेल भेजा गया था, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि शांतनु सेन ने दावा किया था कि उस योग्यता के धारक उस डिग्री का उपयोग लेटरहेड पर कर सकते हैं या नहीं. हालांकि, ग्लासगो से मेल का कोई जवाब नहीं आया.

सेन ने दावा किया कि उनके खिलाफ कार्रवाई परिषद के भीतर एक वर्ग की प्रतिशोध की भावना से प्रेरित थी और फिर उन्होंने राज्य चिकित्सा परिषद के फैसले को चुनौती देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया. शांतनु सेन स्वयं लंबे समय तक पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल में राज्य सरकार के प्रतिनिधि थे. आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेद सामने आने के बाद, उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया व फिर काउंसिल के पद से भी हटा दिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH KUMAR SINGH

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