पुलिस की भूमिका पर कोर्ट ने जताया असंतोष
Published by : SUBODH KUMAR SINGH Updated At : 08 Nov 2025 1:10 AM
कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में कस्टम विभाग के एक अधिकारी की पिटाई से जुड़े मामले में पुलिस की भूमिका पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है.
कस्टम्स अधिकारी की पिटाई मामला
कोलकाता. कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में कस्टम विभाग के एक अधिकारी की पिटाई से जुड़े मामले में पुलिस की भूमिका पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है. शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति घोष ने कहा कि पुलिस ने कस्टम अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते समय कानून के निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया. उन्होंने राज्य सरकार के वकील से सवाल किया कि शिकायत मिलते ही एफआइआर क्यों दर्ज की गयी, जबकि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार पहले प्राथमिक जांच जरूरी होती है. न्यायाधीश ने यह भी पूछा कि क्या इस प्रक्रिया से पहले धारा 35(3) के तहत कस्टम अधिकारी को कोई नोटिस भेजा गया था. न्यायाधीश के सवालों का राज्य सरकार की ओर से उपस्थित वकील कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं.
इसके बाद अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि पुलिस 20 नवंबर तक कस्टम अधिकारी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी. साथ ही, अदालत ने पुलिस से मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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