ePaper

जूट जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई शुरू

Updated at : 12 Jun 2025 11:23 PM (IST)
विज्ञापन
जूट जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई शुरू

राज्य में जूट की कीमतों में हो रही लगातार वृद्धि से मिल मालिक काफी परेशान हैं. उनका कहना है कि जूट की कीमतें 7300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक पहुंच गयी है, जिसकी वजह से कई मिलों में उत्पादन प्रभावित हुआ है. इस समस्या के समाधान के लिए महानगर में जूट आयुक्त और पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव डॉ मनोज पंत के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें राज्यभर में जमाखोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाने पर सहमति बनी.

विज्ञापन

कोलकाता.

राज्य में जूट की कीमतों में हो रही लगातार वृद्धि से मिल मालिक काफी परेशान हैं. उनका कहना है कि जूट की कीमतें 7300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक पहुंच गयी है, जिसकी वजह से कई मिलों में उत्पादन प्रभावित हुआ है. इस समस्या के समाधान के लिए महानगर में जूट आयुक्त और पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव डॉ मनोज पंत के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें राज्यभर में जमाखोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाने पर सहमति बनी.

जूट आयुक्त कार्यालय ने बताया कि राज्य में करीब 30 लाख बेल के स्टॉक के बावजूद कच्चा जूट मिलों तक नहीं पहुंच रहा, जिसका मुख्य कारण व्यापारिक मंडियों में हो रही जमाखोरी है. बैठक में राज्य सरकार ने जूट आयुक्त को पूर्ण प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया, और बताया कि राज्यभर के लगभग 6,000 गोदामों की निगरानी और निरीक्षण किया जायेगा. इस संबंध में जूट आयुक्त कार्यालय के अधिकारी ने कहा कि अब जमाखोरी पर नियंत्रण कोई विकल्प नहीं, बल्कि जरूरी है. इतना बड़ा स्टॉक होने के बावजूद जब मिलें बंद होने के कगार पर हों, तो कार्रवाई अनिवार्य हो जाती है. उन्होंने बताया कि दक्षिण बंगाल के प्रमुख गोदामों पर छापेमारी शुरू हो चुकी है, जहां कई बड़े बलर्स, स्टॉकिस्ट और कुछ प्रमुख मिलों को भी जांच के घेरे में लिया गया है.

राज्य के श्रम, उद्योग और जिला प्रशासन विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे जूट आयुक्त की टीम को ज़मीनी सहयोग, लॉजिस्टिक और सुरक्षा प्रदान करें. हाल ही में जूट आयुक्त कार्यालय ने 20, 22, 23 और 29 मई को क्रमशः आदेश जारी किए थे, जिनमें सभी व्यापारियों, डीलरों, मिलों और स्टॉकिस्टों को अपने जूट स्टॉक की नियमित जानकारी देने का निर्देश था. लेकिन अब तक इसका अनुपालन सीमित और असंगत रहा. अब यह प्रवर्तन अभियान जून भर चलेगा, जिसमें हर जिले से रोज़ाना रिपोर्ट ली जाएगी, और जो व्यापारी या मिलें नियमों का उल्लंघन करेंगी, उनके खिलाफ एसेंशिलय कमोडिटीज एक्ट के तहत जुर्माना, स्टॉक ज़ब्ती और मुकदमा दायर किया जायेगा. जूट आयुक्त कार्यालय व राज्य सरकार द्वारा शुरू की गयी कार्रवाई का मिल मालिकों और ट्रेड यूनियनों ने स्वागत किया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
BIJAY KUMAR

लेखक के बारे में

By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola