ePaper

बच्चों को क्वालिटी खाना नहीं देना चाहती केंद्र सरकार : ब्रात्य

Updated at : 29 Nov 2024 1:33 AM (IST)
विज्ञापन
बच्चों को क्वालिटी खाना नहीं देना चाहती केंद्र सरकार : ब्रात्य

मिड डे मील का नाम बदल कर 'पीएम पोषण' योजना कर दिया गया है. केंद्र सरकार की परियोजना में मिड डे मील की सामग्री की राशि में बुधवार को जरा-सी बढ़ोतरी की गयी.

विज्ञापन

संवाददाता, कोलकाता

मिड डे मील का नाम बदल कर ””पीएम पोषण”” योजना कर दिया गया है. केंद्र सरकार की परियोजना में मिड डे मील की सामग्री की राशि में बुधवार को जरा-सी बढ़ोतरी की गयी. शिकायत थी कि इस प्रोजेक्ट में आवंटन नहीं बढ़ रहा है. हालांकि शिक्षा जगत का मानना है कि इस बढ़ोतरी से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. प्रति छात्र मात्र एक रुपये या 75 पैसे की बढ़ोतरी से बच्चों के मुंह में पौष्टिक आहार डालना संभव नहीं है. शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा कि मिड डे मील के लिए जो आवंटन बढ़ाया गया है, उससे कुछ फर्क नहीं पड़ेगा. प्राथमिक और उच्च प्राथमिक इन दो क्षेत्रों में मध्याह्न भोजन के आवंटन में प्रति व्यक्ति 70 और 75 पैसे की बढ़ोतरी की जा रही है. दो साल बाद ऐसा आवंटन देख हर कोई निराश है. मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा है कि बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार ने रसोइयों और सहायकों के लिए राज्य के खजाने से अतिरिक्त 500 रुपये प्रदान किये हैं. मंत्री ने लिखा : केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मिड डे मील में मामूली पैसा बढ़ाया है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. प्राइमरी में यह पांच रुपये 45 पैसे था, अब छह रुपये 19 पैसा है. उच्च प्राथमिक में यह आठ रुपये 17 पैसे था. अब नौ रुपये 29 पैसा कर दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola