बंगाल चुनाव: उम्मीदवारों की लिस्ट आते ही भड़के तृणमूल कार्यकर्ता, गोसाबा में हिंसक झड़प

Updated at : 18 Mar 2026 8:54 AM (IST)
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बंगाल चुनाव: उम्मीदवारों की लिस्ट आते ही भड़के तृणमूल कार्यकर्ता, गोसाबा में हिंसक झड़प

घायल कार्यकर्ता

Bengal Elections : इफ्तार के बाद निकलते समय उप प्रधान के समर्थकों पर हमला हुआ. समर्थकों को बचाने की कोशिश में उप प्रधान अजमीरा मिद्या भी घायल हुए हैं.

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Bengal Elections : कोलकाता: उम्मीदवार की घोषणा होते ही गोसाबा में तनाव बढ़ गया. तृणमूल गुटबाजी हिंसक झड़प में बदल चुकी है. सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों के बीच इस खुले संघर्ष और हिंसक झड़प ने इलाके में व्यापक तनाव देखने को मिल रहा है. हालांकि, इस घटना को काफी समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है. पूरा इलाका दहशत में है. इस घटना को लेकर मौजूदा विधायक की ओर से अब तक कोई बयान नहीं आया है.

इफ्तार से लौटने के दौरान हुई मारपीट

घटना के संबंध में बताया जाता है कि मंगलवार दोपहर बाद जैसे ही तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची घोषित हुई, इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच तनाव बढ़ गया. दक्षिण 24 परगना के गोसाबा में तृणमूल कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की खबर पहले से पार्टी को थी. बिप्रदासपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में इफ्तार से लौट रहे एक गुट के सदस्यों पर दूसरे गुट के लोगों ने हमला कर दिया. तृणमूल के दो गुटों के बीच ताजा झड़प के कारण इलाका तनावपूर्ण हो गया है. इस घटना में बिप्रदासपुर पंचायत के उप प्रमुख और उनके समर्थक घायल हो गए.

बुरी तरह पीटने का आरोप

उप प्रधान अजमीरा मिद्या ने आरोप लगाया कि हमले का नेतृत्व बिप्रदासपुर पंचायत प्रधान के पति अमरीश मंडल कर रहे थे. वर्तमान विधायक और उम्मीदवार सुब्रता मंडल के समर्थक शफीकुल गाजी, रफीकुल गाजी, सलीम मोल्लाह, मधुसूदन बर्मन, प्रदीप हल्दर, शफीक मिद्या, अजीजुल सरदार, याकूब पियाडा और साधन सरदार एक समूह के साथ आए और उन पर हमला कर उन्हें बुरी तरह पीटा. इस झड़प में शाकिब मोल्लाह, अलाउद्दीन मोल्लाह और साजन पियाडा गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत बचाया गया और गोसाबा ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया। उनका वहां इलाज चल रहा है.

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अब तक थाने में शिकायत नहीं

चुनाव से पहले सत्ताधारी दल के दो गुटों में खुलेआम हुए इस संघर्ष ने इलाके में काफी तनाव पैदा कर दिया है. हालांकि, घटना को काफी समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक किसी पक्ष ने थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी है. पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेकर किसी को गिरफ्तार भी नहीं किया है. पूरा इलाका दहशत में है. मौजूदा विधायक ने अब तक इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया है. जिन पर आरोप लग रहे हैं, वे भी चुप्पी साधे हुए हैं. राज्य में आचार संहिता लागू होने के कारण आयोग की कार्रवाई का लोगों को इंतजार है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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