राज्य में कोई अप्रिय घटना हुई, तो आयोग व भाजपा होंगे जिम्मेदार
Updated at : 18 Mar 2026 1:03 AM (IST)
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मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर विधानसभा चुनाव से पहले वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले किये जा रहे हैं.
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ईद से पहले अफसरों के तबादले पर मुख्यमंत्री ने उठाये सवाल
संवाददाता, कोलकातामुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर विधानसभा चुनाव से पहले वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले किये जा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में निर्वाचन आयोग और भाजपा जिम्मेदार होंगे. विधानसभा चुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची की घोषणा करते हुए पत्रकारों से बातचीत में सुश्री बनर्जी ने ईद से ठीक पहले प्रमुख प्रशासनिक पदों पर किये गये परिवर्तनों के समय पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि ईद से ठीक पहले वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला क्यों किया जा रहा है? क्या चुनाव से पहले दंगे भड़काने का कोई इरादा है? मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि तबादलों की सूची भाजपा कार्यालय में तैयार की गयी और निर्वाचन आयोग ने केवल इसे लागू किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के बाहर के कुछ अधिकारियों को भाजपा को चुनावी प्रक्रिया में सहायता देने के लिए लाया गया है. ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा की मदद के लिए राज्य के बाहर से कुछ लोगों को लाया गया है. निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए तृणमूल प्रमुख ने कहा कि आयोग भाजपा की ओर से अच्छा खेल खेल रहा है. ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें सीधे भाजपा के लिए प्रचार करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों को इसलिए बदला गया है, ताकि बिना किसी बाधा के भाजपा को धन और हथियार आसानी से हस्तांतरित किये जा सकें. चुनाव अवधि के दौरान किसी भी घटना के होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि इसके लिए भाजपा और निर्वाचन आयोग दोनों जवाबदेह होंगे. उन्होंने कहा कि अगर कुछ अप्रिय घटना घटती है, तो भाजपा और निर्वाचन आयोग जिम्मेदार होंगे. अगर कुछ गलत होता है, तो उन्हें जवाब देना होगा. तृणमूल प्रमुख ने राज्य में भाजपा के राजनीतिक प्रचार अभियान पर भी हमला किया और पार्टी पर उनकी सरकार के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.ममता का 226 से ज्यादा सीट जीतने का दावा
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बड़ा राजनीतिक संदेश दिया. उन्होंने दावा किया कि पार्टी इस बार 226 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर भारी बहुमत के साथ सरकार बनायेगी. घोषणा की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने ‘मां-माटी-मानुष’ को नमन करते हुए समाज के सभी वर्गों, संतों और महान व्यक्तित्वों जैसे स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर और काजी नजरुल इस्लाम को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि पार्टी की परंपरा के अनुसार उम्मीदवारों की सूची कालीघाट कार्यालय से ही घोषित की गयी है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तृणमूल दार्जिलिंग, कर्सियांग और कालिम्पोंग को छोड़ कर 291 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, क्योंकि इन पहाड़ी क्षेत्रों में सहयोगी दल के साथ समझौता किया गया है. बाकी सभी सीटों पर पार्टी पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी. पत्रकारों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की घोषणा से पहले ही प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर बदलाव किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों को लाकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है और गैस व पेट्रोल की कमी पैदा कर जनता को परेशान किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था या प्रशासनिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और विपक्षी दलों की होगी.मुख्यमंत्री ने चुनाव को ‘बंगाल की पहचान और अस्तित्व की लड़ाई’ बताते हुए कहा कि जनता किसी भी दबाव या प्रलोभन में नहीं आयेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने और लोगों को विभिन्न प्रक्रियाओं में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जनता इसका जवाब देगी. अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 100 से अधिक जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की गयी हैं और कई परिवार एक साथ कई योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल वादे करती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं करती.
उम्मीदवारों के चयन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सूची पूरी तरह संतुलित और रणनीतिक रूप से तैयार की गयी है. इसमें राज्य के सभी क्षेत्रों उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और कोलकाता का ध्यान रखा गया है. कई सीटों पर पुराने चेहरों को बरकरार रखा गया है, जबकि कई जगह नये उम्मीदवारों को मौका दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि जिन नेताओं को टिकट नहीं मिला है, उन्हें पार्टी संगठन में अन्य जिम्मेदारियां दी जायेंगी और उनसे एकजुट रहने की अपील की. अंत में मुख्यमंत्री बनर्जी ने जनता से अपील की कि वे भाजपा को वोट न दें और लोकतंत्र और बंगाल के हित में फैसला लें. उन्होंने कहा कि यह चुनाव पैसे या ताकत का नहीं, बल्कि जनता के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है. उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राज्य में चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या तृणमूल कांग्रेस अपने 226 सीटों के लक्ष्य को पार कर पायेगी या पश्चिम बंगाल की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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