बंगाल में चुनाव आयोग की एक और अधिसूचना, 149 पुलिस अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाया

Updated at : 10 Apr 2026 10:02 AM (IST)
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बंगाल में चुनाव आयोग की एक और अधिसूचना, 149 पुलिस अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाया

नबन्ना और चुनाव आयोग

Bengal Election: आयोग ने 149 अधिकारियों को हटाया जा रहा है. इनमें 81 निरीक्षक शामिल हैं. आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये अधिकारी किसी भी प्रकार के चुनाव कार्य में शामिल नहीं हो सकेंगे.

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Bengal Election: कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस में एक बार फिर फेरबदल किया है. एक ही झटके में 149 अधिकारियों को हटा दिया गया है. इस सूची में इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि इन पुलिस अधिकारियों को किसी भी चुनावी कार्य में शामिल नहीं किया जाएगा. चुनाव से पहले हुए इस फेरबदल को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है.

68 सब-इंस्पेक्टरों का तबादला

चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. इस बीच चुनाव आयोग ने लगातार बदलाव किए हैं. आयोग ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी की. अधिसूचना में कहा गया है कि 149 अधिकारियों को हटाया जा रहा है. इनमें 81 निरीक्षक शामिल हैं. इसके अलावा, 68 सब-इंस्पेक्टरों का तबादला किया गया है. चुनाव आयोग ने इसके लिए एक अलग अधिसूचना जारी की है. अधिसूचना में कहा गया है कि 29 मार्च को 150 इंस्पेक्टरों और सब-इंस्पेक्टरों का तबादला किया गया था. इनमें से 49 सब-इंस्पेक्टर अलग-अलग पुलिस थानों में कार्यरत हैं. इन 49 लोगों को उनके वर्तमान जिले से दूसरे जिले में तबादला किया जाएगा.

लगातार हटाये जा रहे अधिकारी

चुनाव आयोग ने मतदान तिथियों की घोषणा के बाद से ही प्रशासनिक फेरबदल शुरू कर दिया है. सबसे पहले मुख्य सचिव और गृह सचिव को उनके पदों से हटाया गया. राज्य पुलिस के महानिदेशक समेत प्रशासन के शीर्ष स्तर पर व्यापक फेरबदल हुए हैं. कई जिला मजिस्ट्रेट, डीईओ, पुलिस अधीक्षक और पुलिस आयुक्तों का तबादला किया गया है. वरिष्ठ अधिकारियों को चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में अन्य राज्यों में भेजा गया है. तृणमूल ने इस फेरबदल का विरोध किया है. ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठाई है.

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इस माह 23 को होने हैं पहले वरण का मतदान

इस बार राज्य में दो चरणों में मतदान हो रहा है. पहला चरण 23 अप्रैल को है और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा. उम्मीदवारों के नामांकन की अवधि समाप्त हो चुकी है. अब कुछ ही दिन बचे हैं. इस बीच सभी राजनीतिक दल जमकर प्रचार कर रहे हैं. हालांकि, चुनाव की पूर्व संध्या पर तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद चरम पर पहुंच गया है. हाल ही में तृणमूल का एक प्रतिनिधिमंडल मतदान से वंचित मतदाताओं के मतदान अधिकार की मांग करते हुए आयोग पहुंचा था. हालांकि, प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि उन्हें वहां से बाहर निकाल दिया गया. आयोग ने भी इसका खंडन किया है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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