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झाड़ग्राम राजबाड़ी में आमलोगों के प्रवेश पर रोक

Updated at : 06 Jan 2025 2:30 AM (IST)
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झाड़ग्राम राजबाड़ी में आमलोगों के प्रवेश पर रोक

झाड़ग्राम शहर स्थित झाड़ग्राम राजबाड़ी में अब आमलोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. साथ ही गेट के सामने इकट्ठा होने की भी मनाही हो गयी है.

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खड़गपुर. झाड़ग्राम शहर स्थित झाड़ग्राम राजबाड़ी में अब आमलोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. साथ ही गेट के सामने इकट्ठा होने की भी मनाही हो गयी है. इस बाबत राज परिवार के सदस्यों ने गेट पर नोटिस बोर्ड लगा दिया है. बता दें कि कोलकाता के टॉलीगंज निवासी संजीव सरकार अपने परिवार के साथ झाड़ग्राम घूमने आये थे. उन्होंने टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में बुकिंग करायी, क्योंकि वह राजबाड़ी के पास है. लेकिन वे झाड़ग्राम राजबाड़ी में प्रवेश नहीं कर सके. मुख्य द्वार बंद था और सामने लगे बोर्ड पर लिखा था- झाड़ग्राम राजबाड़ी निजी संपत्ति है. घूमने के लिए सार्वजनिक स्थान नहीं. हालांकि, पर्यटन विभाग सहित राज्य सरकार की कई वेबसाइटों पर झाड़ग्राम राजबाड़ी का उल्लेख दर्शनीय स्थल के रूप में किया गया है.

हाल ही में राजपरिवार ने सिंह द्वार बंद कर कर नोटिस बोर्ड लगा दिया. अब महल में रहने के लिए ‘बुक’ कराने वाले ही प्रवेश कर सकते हैं.

मालूम रहे कि वर्ष 1570 में राजपूताना के सर्वेश्वर सिंह चौहान ने झाड़ग्राम के जंगली मल राजा को हराया और यहां मल्लदेव राजवंश की शुरुआत की. तीन गुंबदों वाला यह शाही महल 1930 में अंतिम राजा नरसिम्हा मल्लदेव के शासनकाल के दौरान 70 बीघा जमीन पर बनाया गया था. महल की वास्तुकला यूरोपीय और मुगल शैली की है. लॉर्ड वेलिंगटन, प्रफुल्ल घोष, विधानचंद्र रॉय, उत्तम कुमार सहित कई हस्तियों ने इस महल का दौरा किया है. यहां कई फिल्मों की शूटिंग भी हुई है.

झाड़ग्राम राजबाड़ी इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन का सदस्य है. राजबाड़ी के गेस्ट हाउस ‘द पैलेस झाड़ग्राम हेरिटेज’ के 14 कमरों में कुल 40 पर्यटक ठहर सकते हैं. यहां कई विदेशी पर्यटक भी आते हैं. लेकिन कुछ वर्ष पहले कुछ शराबी युवकों द्वारा दूसरी मंजिल पर उत्पात मचाने के बाद दूसरे गेट पर ताला लगा दिया गया था, हालांकि, पर्यटक सिंहद्वार पार करके राजबाड़ी चौक के एक हिस्से में प्रवेश कर सकते थे. आरोप है कि 2023 में पूजा के दौरान कुछ युवकों ने शाही परिवार की निजी तस्वीरें लेने के लिए ड्रोन उड़ाया था. शाही परिवार का दावा है कि लोग शाही परिवार के निजी क्षेत्र पर अतिक्रमण कर अंदर प्रवेश कर रहे हैं और महल के मैदान को अपवित्र कर रहे हैं. समस्या के समाधान के लिए कुछ साल पहले राजबाड़ी के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया था. बाद में इसे दोबारा खोल दिया गया. लेकिन परेशानी बढ़ने से हाल ही में सिंहद्वार को फिर बंद कर दिया गया. मुख्य द्वार पर दो सिविक वालंटियर तैनात हैं. राजपरिवार के सदस्य विक्रमादित्य मल्लदेव का कहना है कि कई लोग गेट पर आते हैं और बार-बार परेशानी पैदा कर रहे हैं. हमारी कोई गोपनीयता नहीं है. विदेशी पर्यटक जब आते हैं, तो असहज महसूस करते हैं. बहुत से लोग नहीं जानते कि यह निजी संपत्ति है.

इस संबंध में झाड़ग्राम जिलाशासक सुनील अग्रवाल ने कहा कि राजबाड़ी एक निजी संपत्ति है. अंदर जाने की अनुमति देने या नहीं देने का फैसला राजपरिवार के सदस्य ही ले सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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