ममता बनर्जी के बाद शुभेंदु अधिकारी ने भी ज्ञानेश को लिखा पत्र, आरोप को बताया बेबुनियाद

Suvendu Adhikari: शुभेंदु अधिकारी ने लिखा है कि तृणमूल की ओर लगाये गये सभी 'बेबुनियाद आरोप' हैं. ममता द्वारा पत्र दिए जाने के बाद शुभेंदु ने भी ज्ञानेश को पत्र लिखा है.
मुख्य बातें
Suvendu Adhikari: कोलकाता : भाजपा नेता और बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के पत्र के 24 घंटे के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा. इससे पहले भी उन्होंने मुख्यमंत्री के पत्र के तुरंत बाद चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा था. इस बार भी विधानसभा में विपक्ष के नेता ने पत्र की सामग्री में यह स्पष्ट कर दिया कि वह मुख्यमंत्री के पत्र के जवाब में यह पत्र लिख रहे हैं.
तीन पन्नों का भेजा पत्र
मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश कुमार को तीन पन्नों का पत्र भेजा था. विधानसभा में विपक्ष के नेता ने भी तीन पन्नों के पत्र में मुख्यमंत्री के सभी आरोपों का खंडन करते हुए तर्क दिए हैं. उन्होंने पत्र में लिखा कि मुख्यमंत्री एसआईआर प्रक्रिया के बारे में निराधार आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने पत्र में लिखा कि मुख्यमंत्री एसआईआर प्रक्रिया के बारे में निराधार आरोप लगा रहे हैं. शुवेंदु अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में कहा- मुख्यमंत्री राजनीतिक उद्देश्यों के लिए एसआईआर प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं.
ममता बनर्जी के आरोप राजनीति से प्रेरित
शुवेंदु अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में कहा- मुख्यमंत्री राजनीतिक उद्देश्यों के लिए एसआईआर प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं. विधानसभा में विपक्ष के नेता ने पत्र में उल्लेख किया कि एसआईआर बंगाल में स्वतंत्र और पारदर्शी चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. शुवेंदु अधिकारी ने साफ शब्दों में लिखा है कि ममता बनर्जी के सारे आरोप बेबुनियाद हैं और वो राजनीति से प्रेरित हैं. आम जनता को इस प्रक्रिया से लाभ मिल रहा है. ममता बनर्जी ने कल ज्ञानेश कुमार को एक और पत्र लिखा. यह बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा देश के मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा गया चौथा पत्र है. पत्र में उन्होंने एसआईआर सुनवाई के दौरान मतदाताओं के उत्पीड़न पर अपनी नाराजगी व्यक्त की.
नोटिस की निंदा
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन, कवि जय गोस्वामी, क्रिकेटर मोहम्मद शमी और अभिनेता-सांसद दीपक अधिकारी (देव) ने सुनवाई के नोटिस भेजने की निंदा की. सुनवाई के दौरान ममता ने आम लोगों के उत्पीड़न को कम करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया. टाइप किए गए पत्र के अंत में पेन से दो पंक्तियाँ लिखी हुई थीं. वहां मुख्यमंत्री ने लिखा- हालांकि मुझे पता है कि आप जवाब नहीं देंगे या स्पष्टीकरण नहीं देंगे, लेकिन आपको सब कुछ बताना मेरी जिम्मेदारी है. शुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के पत्र के 24 घंटे के भीतर ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा. इससे पहले भी उन्होंने मुख्यमंत्री के पत्र के तुरंत बाद पत्र लिखा था. इस बार भी विधानसभा में विपक्ष के नेता ने पत्र की सामग्री में यह स्पष्ट कर दिया कि वह मुख्यमंत्री के पत्र के जवाब में यह पत्र लिख रहे हैं.
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लेखक के बारे में
By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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