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कामदुनी कांड : छह में तीन दोषियों को सजा-ए-मौत

कामदुनी कांड : कॉलेज छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में अदालत ने सजा पर सुनाया फैसला तीन को आजीवन कारावास की सजा कोलकाता : उत्तर 24 परगना के कामदुनी में कॉलेज छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में अदालत ने शनिवार को दोषी सैफुल अली, अंसार अली और अमीन […]

कामदुनी कांड : कॉलेज छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में अदालत ने सजा पर सुनाया फैसला
तीन को आजीवन कारावास की सजा
कोलकाता : उत्तर 24 परगना के कामदुनी में कॉलेज छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में अदालत ने शनिवार को दोषी सैफुल अली, अंसार अली और अमीन अली को फांसी की सजा सुनायी. बाकी तीन दोषियों भोला नस्कर, इमानुल इसलाम और अमीनुर इसलाम को आजीवन कारावास की सजा दी गयी है.
अतिरिक्त नगर और सत्र न्यायाधीश संचिता सरकार ने दोषियों का नाम लेकर सजा का एलान किया. गुरुवार को अदालत ने मामले में छह लोगों को दोषी करार दिया था, जबकि दो आरोपी रफीकुल इसलाम और नूर अली सुबूतों के अभाव में बरी कर दिये गये थे. एक आरोपी गोपाल नस्कर की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो गयी थी. शुक्रवार को सजा पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी.
सात जून 2013 को कामदुनी में कॉलेज से घर लौटते समय छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या दर दी गयी थी. अदालत के फैसले के बाद दोषियों को सजा दिलाने की मांग पर आंदोलन करने वाली महिलाएं मौसमी व टूंपा कयाल फूट-फूटकर रोने लगीं. उनका कहना था कि उनकी लड़ाई आज सार्थक हुई.
इससे पहले दोषियों के अ‍धिवक्ता फिरोज एडुलजी ने अदालत में कहा कि यह विरलतम घटना नहीं है. इस सिलसिले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों का हवाला दिया. कामदुनी मामले में पीड़ित युवती की मौत को उन्होंने हादसा करार दिया. हालांकि सरकारी अधिवक्ता ने इसे विरलतम और जघन्य अपराध बताया. उनका कहना था कि हत्या हादसा नहीं थी.
मजिस्ट्रेट के सामने बयान में आरोपियों ने युवती की किस तरह हत्या की थी उसे नाट्य रूप देकर दिखाया था. लिहाजा हत्या को हादसा बताने की कोई गुंजाइश ही नहीं बची है. दोषियों द्वारा दुष्कर्म किये जाते वक्त युवती बेहोश हो गयी थी. जब उसे होश आया तो उसे नृशंस तरीके से बार-बार चोट पहुंचायी गयी. शुक्रवार को दोषियों के वकील ने कहा था कि उन्हें फैसले की कॉपी नहीं मिली है जिसकी वजह से वह अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकते.
इसके बाद ही शनिवार को फैसला सुनाये जाने की घोषणा की गयी. बचाव पक्ष के वकीलों ने दोषियों को फांसी की सजा के बजाय आजीवन कारावास दिये जाने की अपील की. गौरतलब है कि वर्ष 2013 के सात जून को 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा को कामदुनी में उसके घर पहुंचने के पहले ही अपहरण कर लिया गया और गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गयी.
घटना के एक दिन बाद उसका क्षतविक्षत शव बरामद हुआ था. मामले में नौ लोग गिरफ्तार किये गये थे. मामले की जांच करने वाले सीआइडी अधिकारी ने बताया कि पकड़े जाने और जेल में रहने के बाद भी दोषियों में कोई पश्चाताप उन्होंने नहीं देखा था.
किन धाराओं के तहत सुनायी गयी सजा
अदालत ने सैफुल अली, अंसार अली और अमीन अली को धारा 376 (डी) (सामूहिक दुष्कर्म), 302 (हत्या), 120बी (आपराधिक षडयंत्र) के तहत दोषी करार दिया, जबकि इमानुल इसलाम, अमीनुर इसलाम और भोला नस्कर को धारा 376 डी (सामूहिक दुष्कर्म), 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) और 201 (साक्ष्यों को मिटाना) के तहत दोषी पाया गया.
Prabhat Khabar Digital Desk
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