ग्रामीण हावड़ा में एपीएएस शिविर के लिए फंड की कमी
Updated at : 27 Aug 2025 11:25 PM (IST)
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 21 जुलाई की सभा में दो अगस्त से ‘आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान’(एपीएएस) शिविर लगाकर लोगों की समस्या हल करने का आदेश दिया था. सीएम के इस आदेश के बाद धूमधाम से इस शिविर का आयोजन हो रहा है कि लेकिन ग्रामीण हावड़ा के कई ब्लॉक में शिविर आयोजित करने के लिए रुपये की कमी अड़चन बनकर सामने आयी है.
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हावड़ा
.मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 21 जुलाई की सभा में दो अगस्त से ‘आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान’(एपीएएस) शिविर लगाकर लोगों की समस्या हल करने का आदेश दिया था. सीएम के इस आदेश के बाद धूमधाम से इस शिविर का आयोजन हो रहा है कि लेकिन ग्रामीण हावड़ा के कई ब्लॉक में शिविर आयोजित करने के लिए रुपये की कमी अड़चन बनकर सामने आयी है. बताया जा रहा है कि अभी तक सरकार ने इस शिविर के लिए रकम का भुगतान नहीं किया है. ब्लॉक स्तर में आयोजित इस शिविर को करने के लिए रुपये उधार लेने की नौबत आ गयी है. पंचायत के पदाधिकारियों का कहना है कि यही हाल ‘दुआरे सरकार’ कैंप लगाने में भी हुआ था. इस कैंप के लिए रकम काफी देर से दी गयी. पंचायत अधिकारियों को डर है कि इस बार भी ऐसा ही होगा.गौरतलब है कि ‘आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान’ शिविर के आयोजन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गयी है. कुछ शिविर पंचायत समिति की ओर से आयोजित किये जा रहे हैं. जिन ग्राम पंचायतों को शिविरों के आयोजन की जिम्मेदारी दी गयी है, उनके पास फंड की कमी है.
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि प्रत्येक शिविर का औसत खर्च 50 से 60 हजार रुपये है. बागनान दो नंबर ब्लॉक की एक पंचायत में आठ शिविर लगने थे. इनमें से तीन लग भी चुके हैं. अब शिविर लगाने के लिए रकम नहीं है. सरकार रकम कब देगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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