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बंगाल चुनाव 2026 से पहले हावड़ा में तृणमूल नेता की गोली मारकर हत्या

Updated at : 25 Feb 2026 5:53 PM (IST)
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Trinamool leader shot dead in Howrah before Bengal elections 2026

तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता ने टीएमसी के नेता सह बिल्डर को मार डाला. फोटो : सीसीटीवी का स्क्रीन शॉट

बंगाल चुनाव 2026 से पहले हावड़ा में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. घटना बुधवार को सुबह-सुबह उस वक्त हुई, जब टीएमसी नेता रमजान की खरीदारी करके घर लौट रहा था. गोलीबारी के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. समाचार लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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हावड़ा (पश्चिम बंगाल), कुंदन झा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा से पहले हावड़ा जिले में एक तृणमूल कांग्रेस के नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. गोलाबाड़ी थाना क्षेत्र के पिलखाना सेकेंड बाइ लेन में बुधवार तड़के रंगदारी नहीं देने पर तृणमूल के एक युवा नेता, जो बिल्डर भी है, की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. हमलावरों ने तृणमूल नेता पर 4-5 राउंड गोलियां चलायीं.

सुबह-सुबह शूटआउट के बाद मची अफरा-तफरी

सुबह-सुबह हुई शूटआउट की घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दीं. सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची. खून से लथपथ तृणमूल नेता को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मृतक का नाम शफीक खान (32) है.

  • सिर और सीने में मारी गोली, रंगदारी नहीं देने पर वारदात को दिया अंजाम
  • हत्या का मुख्य आरोपी वार्ड नंबर 16 में तृणमूल कांग्रेस का युवा नेता

टीएमसी के हारुन खान पर लगा आरोप

हैरान करने वाली बात यह है कि हमलावर भी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बताये जा रहे हैं. इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी हारुन खान है. वह अफगानी है. पुलिस जांच में जुट गयी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.

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रमजान की खरीदारी कर घर लौट रहा था शफीक

बुधवार तड़के करीब 3:45 बजे रमजान की खरीदारी करने के लिए शफीक खान बाजार गया था. सामान खरीदकर शफीक घर लौट रहा था. तभी चाय दुकान के पास हारुन खान, रोहित और उसके गैंग के सदस्य वहां पहुंचे. हारुन और शफीक के बीच किसी बात पर बहस हो गयी.

सीसीटीवी फुटेज देखकर हमलावरों की पहचान की गयी है. प्राथमिक जांच में यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है. सभी आरोपी जल्द गिरफ्तार होंगे.

अमलान कुसुम घोष, डीसी (उत्तर)

गोली चलते ही मची अफरा-तफरी

इससे पहले कि शफीक खान कुछ समझ पाता, हारुन के एक साथी ने पिस्तौल निकाली और पीछे से शफीक के सिर पर गोली मार दी. गोली लगते ही शफीक जमीन पर गिर पड़ा. फिर हारुन और उसके साथी ने शफीक के सीने में कई गोलियां मारीं और वहां से भाग निकला. सुबह-सुबह गोली की आवाज सुनते ही बाजार में अफरा-तफरी मच गयी. लोग इधर-उधर भागने लगे. दुकानें बंद होने लगीं.

यह तृणमूल कांग्रेस की गुटबाजी का नतीजा है, जिसमें एक की जान चली गयी. हारुन खान ने ही गोली चलायी है. हारुन यहां के विधायक गौतम चौधरी का बेहद करीबी है. हारुन पर पुलिस को धक्का देने का भी एक मामला सामने आया था. बिना विधायक की मदद के ये सब संभव नहीं है.

उमेश राय, भाजपा नेता, हावड़ा

तृणमूल नेता से मांगी गयी थी 10 लाख की रंगदारी

हत्याकांड का मुख्य आरोपी हारुन वार्ड नंबर 16 में तृणमूल कांग्रेस का युवा नेता है. हारुन और शफीक के बीच पुरानी रंजिश थी. हारुन ने शफीक से 10 लाख रुपए रंगदारी मांगी थी, लेकिन शफीक ने रंगदारी देने से इनकार कर दिया था. इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दी. इससे जीटी रोड पर जाम की स्थिति बन गयी. पुलिस ने समझाकर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और फिर यातायात व्यवस्था सामान्य हुई.

वे लोग मेरे भाई से 10 लाख रुपए रंगदारी मांग रहे थे. इसकी जानकारी शफीक ने पुलिस को दी थी, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ. आखिरकार हारुन ने मेरे भाई की हत्या कर दी.

जाहिद खान, मृतक का भाई

कौन है हारुन खान?

हारुन खान मूल रूप से अफगानिस्तान के अबे-बरिक का रहने वाला है. वह कई सालों से पिलखाना में रह रहा है. उस पर यहां एक फ्लैट पर कब्जा करने का आरोप है. वह ब्याज पर लोगों को रुपए भी देता है. उस पर गैर-कानूनी हथियार बेचने का भी आरोप है. उत्तर हावड़ा के विधायक गौतम चौधरी के साथ उसके घनिष्ठ संबंध हैं. 26 जनवरी को पिलखाना में उसने एक कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें विधायक मुख्य अतिथि थे. उन्होंने हारुन की काफी तारीफ की थी. उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.

हारुन खान (लाल घेरे में).

मुख्य आरोपी हारुन खान रंगदारी मांग रहा था. रंगदारी नहीं देने पर उसने शफीक की हत्या कर दी. हत्यारा किसी दल और जाति का नहीं होता है. पुलिस उसे फौरन गिरफ्तार करे.

मसूद आलम खान, तृणमूल नेता, हावड़ा

20 साल पहले ऐसे ही हुई थी कांग्रेस नेता की

एक फरवरी 2005 को दिनदहाड़े 11 बजे पिलखाना सेकेंड बाइ लेन की तंग गलियों में सैलून में घुसकर कांग्रेस नेता मोहम्मद अकरम की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. हमलावरों ने कांग्रेस नेता को 10 गोली मारी थी. भुजाली से भी प्रहार किया था. मोहम्मद अकरम दाढ़ी बनवाने के लिए सैलून गये थे. वह दाढ़ी बनवाने के लिए कुर्सी पर बैठे ही थे कि 9-10 हमलावर सैलून में घुसे और उन पर हमला कर दिया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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