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बोले कैलाश विजयवर्गीय. राज्य में अराजकता फैला रहीं मुख्यमंत्री

Updated at : 30 Dec 2019 6:37 AM (IST)
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बोले कैलाश विजयवर्गीय. राज्य में अराजकता फैला रहीं मुख्यमंत्री

कोलकाता : भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर लोगों में अफवाह फैलाने, उकसाने और राज्य में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए आंदोलन को हवा देनेवालीं ममता जी को एक भी मिनट के लिए भी […]

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कोलकाता : भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर लोगों में अफवाह फैलाने, उकसाने और राज्य में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए आंदोलन को हवा देनेवालीं ममता जी को एक भी मिनट के लिए भी मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है. श्री विजयवर्गीय रविवार को राष्ट्रीय पुस्तकालय के ऑडिटोरियम में भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.

उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद संवैधानिक पद है, लेकिन राज्य में राज्यपाल का सम्मान नहीं होता है. सरकार में अहंकार है. केंद्र द्वारा पारित संवैधानिक नियम मानने से तृणमूल की सरकार इनकार कर रही है. यहां संविधान का शासन नहीं है. यहां संविधान का पालन नहीं हो रहा है. राष्ट्र धर्म नहीं, व्यक्ति धर्म के आधार पर सरकार चल रही है.
राष्ट्रभक्ति नहीं, व्यक्ति भक्ति सर्वोपरि है और उसी के आधार पर प्रदेश चल रहा है. उन्होंने कहा : राज्य के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हैं. पाकिस्तान जिंदाबाद बोला जाता है. भारत के टुकड़े-टुकड़े होंगे, के नारे लगते हैं और तथाकथित राजनीतिक दल ऐसे लोगों की पीठ थपथपाती है.
इसे बोलने की स्वतंत्रता करार दिया जाता है. उन्होंने सवाल किया क्या यह बोलने की स्वतंत्रा है? कोई भारत माता को गाली दे, पाकिस्तान जिंदाबाद बोले, ऐसे लोगों का मुंह सील कर देना चाहिए. प्रदेश की सरकार ऐसे लोगों को पाल-पोस रही है, ऐसी सरकार को रहने का अधिकार नहीं है. लोकसभा और राज्यसभा में कानून पारित हुए, लेकिन सरकार उसे नहीं मान रही है.
संविधान की धारा 252 अनुसार कोई भी कानून, जो लोकसभा व राज्यसभा में पारित होता है, राज्य उसे लागू करने के लिए बाध्य है. राज्य सरकार उसे लागू करने से मना नहीं कर सकती है. यह भारत का संविधान है. उन्होंने सवाल किया : क्या राज्य सरकार संविधान के आधार पर नहीं चलती है.
राष्ट्रभक्ति पर व्यक्ति भक्ति हावी हो जाये. राष्ट्र का नुकसान हो जाये, लेकिन कुर्सी नहीं हिलनी चाहिए. सीएए को केंद्र सरकार ने पारित किया है. इस कानून के तहत किसी की नागरिकता समाप्त करने का प्रा‍वधान नहीं है. यह नागरिकता देनेवाला कानून है. यह बोल कर आराजकता फैलायी जा रही है कि इस्लाम खतरे में है. यह अराजकता है, जिस प्रदेश की मुख्यमंत्री आंदोलन को हवा दे.
क्या उस मुख्यमंत्री को एक मिनट के लिए कुर्सी पर रहने का अधिकार है. उन्होंने कहा : ममता जी ने सीएए का विरोध कर रहे आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देने के लिए अपना प्रतिनिधि मंगलुरु भेजा है, दूसरी तरफ आपके राज्य में रायगंज में संस्कृत के शिक्षक की मांग कर रहे विद्यार्थियों पर आपकी पुलिस गोलियां चलाती है और आपने कोई कार्रवाई नहीं की है.
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