कचुआ में मंदिर की दीवार ढहने से मची भगदड़, पांच की मौत

Updated at : 24 Aug 2019 2:03 AM (IST)
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कचुआ में मंदिर की दीवार ढहने से मची भगदड़, पांच की मौत

स्थानीय लोगों का दावा : हादसे में मारे गये आठ लोग घटना में 23 से ज्यादा जख्मी, चार की हालत अति गंभीर घायलों का नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल व एसएसकेएम में चल रहा इलाज घायलों को देखने अस्पताल पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख […]

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स्थानीय लोगों का दावा : हादसे में मारे गये आठ लोग

घटना में 23 से ज्यादा जख्मी, चार की हालत अति गंभीर
घायलों का नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल व एसएसकेएम में चल रहा इलाज
घायलों को देखने अस्पताल पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी
मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख व मामूली घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देगी राज्य सरकार
कोलकाता :उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट अनुमंडल के माटिया थाना क्षेत्र में स्थित कचुआ धाम मेें गुरुवार देर रात बाबा लोकनाथ मंदिर की दीवार का एक हिस्सा ढहने से मची भगदड़ में कम से कम पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गयी, जबकि 23 अन्य घायल हो गये. वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है.
सभी घायलों को महानगर के नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल व एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती किया गया है. इनमें चार की हालत नाजुक है.
घटना गुरुवार देर रात करीब 2.30 बजे की है. मृतकों में से तीन की पहचान अपर्णा सरकार, तरुण मंडल व पूर्णिमा गोराई के रूप में हुई है. वहीं, हादसे में जख्मी एक अन्य महिला सोनाइका दास की बाद में एसएसकेएम अस्पताल में मौत हो गयी.
एक अन्य मृत व्यक्ति की शिनाख्त की कोशिश जारी है. राज्य सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख, अति गंभीर घायलों को एक-एक लाख व मामूली घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की गयी है. घटना की खबर पाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल व एसएसकेएम अस्पताल जाकर स्थिति का जायजा लिया व मरीजों से मिलने के बाद चिकित्सकों से बात की. ममता बनर्जी ने अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद कहा : कचुआ धाम में स्थित लोकनाथ मंदिर में रात करीब ढाई बजे यह हादसा हुआ.
हर साल जन्माष्टमी के पहले भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा लोकनाथ ब्रह्मचारी की जयंती मनाने के लिए कचुआ लोकनाथ मंदिर आते हैं. इस साल गुरुवार रात को भी वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हुई थी. इस बीच, बारिश होने के कारण लोग बांस के अस्थायी स्टॉलों में छिपने की कोशिश करने लगे. भारी बारिश होने के कारण बांस के स्टॉल टूट गये. मुख्य सड़क से मंदिर तक जाने का रास्ता काफी संकरा है और बारिश के कारण हड़बड़ी में कुछ लोग एक साथ मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश करने लगे. इसी दौरान मंदिर से सटी दीवार ढह गयी, जिससे कई श्रद्धालु तालाब में गिर गये. इससे वहां भगदड़ की स्थिति पैदा हो गयी. उन्होंने कहा कि स्थानीय नेता व मंत्री घटनास्थल के अलावा अस्पतालों में जाकर लोगों के परिवारवालों की मदद कर रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि हर साल इस दिन बड़ी संख्या में लोग बाबा लोकनाथ ब्रह्मचारी का जन्मदिन मनाने के लिए कचुआ लोकनाथ मंदिर में जमा होते हैं. लोकनाथ ब्रह्मचारी बंगाल के 18वीं सदी के संत थे और पश्चिम बंगाल व बांग्लादेश में बड़ी संख्या में उनके अनुयायी हैं. राज्य के खाद्य व आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने बाद में मंदिर प्रशासन के साथ बैठक की और मंदिर के लिए दो प्रवेश और दो निकास द्वार खड़ा करने का फैसला किया. स्टॉल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि ये स्टॉल स्थानीय लोगों ने बनाये थे.
मंदिर के बाहर नहीं चलता हमारा अधिकार : प्रबंधन
इस मामले में मंदिर प्रबंधन का कहना है कि मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह से तैयारी की गयी थी, लेकिन मंदिर के बाहरी इलाके पर हमारा अधिकार नहीं है. राज्य सरकार की तरफ से मंदिर प्रबंधन से जिस तरह की भी मदद मांगी जायेगी व सुरक्षा के इंतजाम के लिहाज से हर तरह की मदद की जायेगी.
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