हावड़ा : सेफ ड्राइव, सेव लाइफ अभियान हुआ कारगर, 2017 की अपेक्षा 2018 में 30 फीसदी दुघर्टनाओं में हुई कमी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Jan 2019 2:52 AM

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हावड़ा : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गयी सेफ ड्राइव, सेव लाइफ अभियान कारगर साबित हो रही है. इस अभियान के तहत एक ओर जहां ट्रैफिक नियमों में सख्ती बरती जा रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी हुई है. वर्ष 2017 की तुलना में 2018 में हावड़ा कमिश्नेरट इलाके में […]

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हावड़ा : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गयी सेफ ड्राइव, सेव लाइफ अभियान कारगर साबित हो रही है. इस अभियान के तहत एक ओर जहां ट्रैफिक नियमों में सख्ती बरती जा रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी हुई है. वर्ष 2017 की तुलना में 2018 में हावड़ा कमिश्नेरट इलाके में करीब 30 फीसदी सड़क हादसे कम हुए हैं.

इसके अलावा ट्रैफिक विभाग की आय में भी वृद्धि हुई है. ट्रैफिक विभाग की ओर से आये दिन शहर के विभिन्न जगहों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान में स्कूली बच्चे शामिल हो रहे हैं. स्थानीय क्लब के सदस्यों को भी जोड़ा जा रहा है. स्कूली बच्चे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले आैर बिना हेलमेट के बाइक चलाने वाले युवकों से अपील कर रहे हैं कि वह हेलमेट पहनकर आैर नशे की हालत में गाड़ी न चलायें.

हाथों में बैनर आैर पोस्टल लेकर बच्चे वाहनों चालकों को नियम मानने की संदेश दे रहे हैं. क्वीज प्रतियोगिता भी आयोजित हो रही है. ट्रैफिक विभाग की ओर से फोरशोर रोड, इस्ट-वेस्ट बाइ पास, कोना एक्सप्रेस वे पर अल्कोहल टेस्ट किया जा रहा है. वाहन चालकों को सीख देने के लिए जुर्माना वसूलने के अलावा उनके परिवार को भी उनके हरकत के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वह शर्मिंदा हो आैर शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाये.

ट्रैफिक विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अधिकतर दुर्घटनाएं तेज गति आैर नशे की हालत में गाड़ी चलाने के कारण होता है. हालांकि अल्कोहल टेस्ट लगातार किये जाने से चालकों में सतर्कता आयी है आैर वह सावधानी से गाड़ी चला रहे हैं. यही कारण है कि वर्ष 2017 की तुलना में 2018 में सड़क हादसे में 20 फीसदी मौत कम हुई है.

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह दुरूस्त रहे, इसके लिए अभी तक 2000 कैमरे अलग-अलग जगहों पर लगाये गये हैं. वाहन की गति तय की गयी है. तय गति से अधिक होने पर जुर्माना लिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि वर्ष 2021 के अंत तक हावड़ा कमिश्नरेट इलाके के सभी जगहों पर सीसीटीवी लगा दिये जायेंगे.

सड़क दुर्घटना जानलेवा बीमारी से भी अधिक घातक है. प्रति वर्ष सड़क हादसे में जितनी मौतें होती है, वह जानलेवा बीमारी से ढाई गुणा अधिक है. ट्रैफिक नियम मानने की सलाह घर से ही शुरू होनी चाहिए. एक व्यक्ति की मौत होने से दुनिया नहीं थमेगी, लेकिन उस व्यक्ति के परिवार का जीवन थम जायेगा, क्योंकि वह अपने परिवार के लिए एक दुनिया है.
सेफ ड्राइव, सेव लाइव अभियान निश्चित तौर पर कारगर हो रहा है. लोग सचेत हो रहे हैं. रास्ते पर तैनात ट्रैफिक पुलिस साथी है, चालक उन्हें अपना दुश्मन नहीं समझें.
अशोक नाथ चट्टोपाध्याय, एसीपी (ट्रैफिक विभाग)
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