गोरखधंधा: बंगाल व झारखंड में कोयला माफियाओं का राज
Updated at : 30 Oct 2018 3:39 AM (IST)
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अजय विद्यार्थीकोलकाता : झारखंड के खाद्य आपूर्ति मामलों के मंत्री सरयू राय ने आरोप लगाया है कि बंगाल व झारखंड में अवैध कोयला खनन व आपूर्ति का माफिया राज चल रहा है. इसमें कोयला कंपनियां, ट्रांसपोर्टर, अधिकारी व प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत है. झारखंड एकीकृत खनन और खनिज प्रबंधन प्रणाली (जेआईएमएमएस) में फर्जीवाड़ा कर फर्जी […]
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अजय विद्यार्थी
कोलकाता : झारखंड के खाद्य आपूर्ति मामलों के मंत्री सरयू राय ने आरोप लगाया है कि बंगाल व झारखंड में अवैध कोयला खनन व आपूर्ति का माफिया राज चल रहा है. इसमें कोयला कंपनियां, ट्रांसपोर्टर, अधिकारी व प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत है. झारखंड एकीकृत खनन और खनिज प्रबंधन प्रणाली (जेआईएमएमएस) में फर्जीवाड़ा कर फर्जी चालान काटे जा रहे हैं. इससे झारखंड को लगभग 800 से 1000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है. इसकी जांच सीबीआइ से या विशेष टास्क फोर्स का गठन कर की जाये.
कोलकाता : झारखंड के खाद्य आपूर्ति मामलों के मंत्री सरयू राय ने आरोप लगाया है कि बंगाल व झारखंड में अवैध कोयला खनन व आपूर्ति का माफिया राज चल रहा है. इसमें कोयला कंपनियां, ट्रांसपोर्टर, अधिकारी व प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत है. झारखंड एकीकृत खनन और खनिज प्रबंधन प्रणाली (जेआईएमएमएस) में फर्जीवाड़ा कर फर्जी चालान काटे जा रहे हैं. इससे झारखंड को लगभग 800 से 1000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है. इसकी जांच सीबीआइ से या विशेष टास्क फोर्स का गठन कर की जाये.
श्री राय ने निजी यात्रा पर काठमांडू जाने के दौरान कोलकाता एयरपोर्ट पर प्रभात खबर से बातचीत के दौरान कहा कि जीटी रोड पर आसनसोल से धनबाद या झारखंड के अन्य जिलों में कोयला आपूर्ति में राजस्व चोरी का खेल चल रहा है. झारखंड में जेआइएमएमएस प्रणाली के जरिये वे-बिल काटने की ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है, लेकिन हाल में औचक निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ऑफलाइन वे-बिल काटे गये हैं और अवैध कोयला खनन की अवैध रूप से सप्लाई की जा रही है.
ऑफलाइन से गलत तारीख के चालान निकाले गये हैं और बाद में उन्हें रद्द कर दिया जाता है. इस फर्जीवाड़े में सीसीएल, ईसीएल व बीसीसीएल के अधिकारियों की भी मिलीभगत है. उन्होंने कहा कि बिना प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा संभव नहीं है. निजी कंपनियों को आउटसोर्सिंग की इजाजत दी गयी है. इसमें प्राइवेट कंपनियां भी शामिल हैं. चालान में फर्जीवाड़ा चिंता का विषय है. कोयला खनन से जिला खनन ट्रस्ट को भी फंड मिलता है. इससे उसका भी नुकसान हो रहा है.
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों को संयुक्त रूप से अभियान चला कर फर्जीवाड़े पर रोक लगानी चाहिए. श्री राय ने कहा कि हाल में छापेमारी के दौरान 15 अवैध रूप से खनन कर आपूर्ति की जा रही गाड़ियों को पकड़ा गया था. इनके चालान की तारीख 29 सितंबर थी, जबकि गाड़ी 28 सितंबर को पकड़ी गयी थी. एक दिन आगे का चालान कैसे कट गया? इसके पीछे किनकी मिलीभगत है. इनकी जांच होनी चाहिए.
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