बीसीसीआइ के अध्यक्ष विश्वनाथ दत्त का निधन
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Sep 2018 3:10 AM
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कोलकाता : बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ दत्त (93) का फेफड़ों के संक्रमण के कारण सोमवार को निधन हो गया. वह 1982-1988 तक बीसीसीआइ उपाध्यक्ष रहे. इसके बाद 1989 में उन्होंने अध्यक्ष पद संभाला था. उन्हें जगमोहन डालमिया के मेंटर के रूप में भी जाना जाता है. डालमिया भी स्वीकार करते रहे हैं कि उन्होंने […]
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कोलकाता : बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ दत्त (93) का फेफड़ों के संक्रमण के कारण सोमवार को निधन हो गया. वह 1982-1988 तक बीसीसीआइ उपाध्यक्ष रहे. इसके बाद 1989 में उन्होंने अध्यक्ष पद संभाला था. उन्हें जगमोहन डालमिया के मेंटर के रूप में भी जाना जाता है.
डालमिया भी स्वीकार करते रहे हैं कि उन्होंने उनसे ही क्रिकेट प्रशासन की सीख ली. उनके परिवार में एक पुत्र व पुत्री हैं. उनके पुत्र सुब्रत दत्ता अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं. सुब्रत ने कहा कि 10 सितंबर को उनकी बीमारी शुरू हुई. एक सप्ताह के अंदर उनके फेफड़ों में संक्रमण हो गया और वे इससे नहीं उबर पाये.
सुबह 4.07 बजे उनका भवानीपुर स्थित आवास पर देहांत हो गया.
बीसीसीआइ ने जताया शोक : बीसीसीआइ ने अपने पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ दत्त के निधन पर शोक जताया है. अपने संदेश में बीसीसीआइ ने कहा कि विश्वनाथ दत्त एक दक्ष प्रशासक थे जो क्रिकेटरों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध थे. वह 1988-89 से 1989-90 तक अध्यक्ष रहे. वह सीएबी के भी सचिव तथा अध्यक्ष रहे. बीसीसीआइ का अध्यक्ष बनने से पहले वह बोर्ड के उपाध्यक्ष 1980-81 से 1987-88 तक रहे (बीच में 1981-82 सीजन को छोड़कर). क्रिकेट प्रशासन में जगमोहन डालमिया को लाने का श्रेय उन्हें ही जाता है. उन्होंने डालमिया को एसोसिएशन का कोषाध्यक्ष बनाया था.
मुख्यमंत्री ने जताया शोक : बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ दत्त के निधन पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शोक प्रकट किया है. मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में लिखा है कि श्री दत्त का निधन खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. वह श्री दत्त के परिजनों व उनके प्रशंसकों के प्रति आंतरिक संवेदना व्यक्त करती हैं.
दत्त बेहतरीन प्रशासक थे : गांगुली : पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ दत्त को सोमवार को बेहतरीन प्रशासक करार दिया और याद किया कि किस तरह 1989-90 में भारत की अंडर 19 टीम की ओर से पदार्पण करते हुए उन्होंने उनका आशीर्वाद लिया था. गांगुली ने पुणे से कहा कि उन्हें याद है कि अंडर 19 टीम की ओर से खेलने के लिए रवाना होने से पहले वह उनसे मिले थे. उनके ही नहीं, बल्कि उनके बेटे (सुब्रत दत्ता) के साथ भी उनका जुड़ाव काफी लंबे समय से है.
श्री दत्त के निधन से शून्य पैदा होगा, जिसकी कमी पूरी करना बेहद मुश्किल होगा. बंगाल क्रिकेट संघ ने इडेन गार्डेंस में एक गैलरी बीएन दत्त के नाम पर बनायी है. सीएबी अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे उनके जीवित रहते उनके नाम पर गैलरी बना पाये. गांगुली ने दत्त के निधन पर कहा कि यह काफी बड़ा नुकसान है. वह सीएबी के ही नहीं, बल्कि बीसीसीआइ के भी अध्यक्ष रहे और फुटबाल से भी जुड़े हुए थे. वह बेहतरीन प्रशासक थे.
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