कोलकाता : ...जब परिजनों ने छात्रा के किडनी, लीवर किया दान 11 मिनट में रेड कॉरिडोर के जरिये लीवर पहुंचा पीजी से अपोलो

Updated at : 19 Aug 2018 6:15 AM (IST)
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कोलकाता : ...जब परिजनों ने छात्रा के किडनी, लीवर किया दान 11 मिनट में रेड कॉरिडोर के जरिये लीवर पहुंचा पीजी से अपोलो

कोलकाता : सिलीगुड़ी की दसवीं की ब्रेन डेड छात्रा ने तीन लोगों को नया जीवन दिया है. दो किडनी अलग-अलग लोगों में प्रत्यारोपित किया गया, जबकि हैदराबाद के एक मरीज को कोलकाता बुलाकर लीवर दान दिया गया. ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर छात्रा का लीवर एसएसकेएम(पीजी) से शहर में ही अपोलो हॉस्पिटल भेजा गया. अपोलो में […]

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कोलकाता : सिलीगुड़ी की दसवीं की ब्रेन डेड छात्रा ने तीन लोगों को नया जीवन दिया है. दो किडनी अलग-अलग लोगों में प्रत्यारोपित किया गया, जबकि हैदराबाद के एक मरीज को कोलकाता बुलाकर लीवर दान दिया गया. ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर छात्रा का लीवर एसएसकेएम(पीजी) से शहर में ही अपोलो हॉस्पिटल भेजा गया. अपोलो में हैदराबाद के मरीज की सफल सर्जरी कर लीवर प्रत्यारोपित किया गया. छात्रा की आंखों का कोर्निया एक निजी अस्पताल को दान किया गया, जबकि स्कीन संरक्षित कर ली गयी है.
जानकारी के अनुसार, सिलीगुड़ी के सूर्यसेन कालोनी निवासी मल्लिका मजूमदार (15) को कान में संक्रमण की शिकायत पर एसएसकेएम अस्पताल में दाखिल कराया गया. संक्रमण कम होने की बजाय यह मरीज के मस्तिष्क तक फैल गया.
चिकित्सकों ने शुक्रवार सुबह मरीज को ब्रेन डेड घोषित कर दिया. इसके बाद मल्लिका के स्वस्थ्य अंगों को प्रत्यारोपण के लिए दान देेने के वास्ते अस्पताल के चिकित्सकों ने परिजनों की काउंसिलिंग की. जिसके बाद परिजन मल्लिका के अंगों को दान करने के लिए तैयार हुए.
सिलीगुड़ी की ब्रेन डेड मल्लिका के अंगों ने बचायी तीन जिंदगियां
सुबह पांच बजे अपोलो पहुंचाया लीवर
पीजी अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मल्लिका के दो किडनी, लीवर, कॉर्निया व स्किन को डोनेट किया गया है. सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पीजी में शुक्रवार रात 12.30 बजे छात्रा के किडनी व लीवर को निकालने के लिए सर्जरी शुरू हुई.
यह प्रक्रिया लगभग चार घंटे तक चली. लीवर को पीजी से अपोलो तक भेजने के लिए 11.2 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर तैयार बनाया गया. लीवर को टेम्परेचर कंट्रोल बॉक्स में डाल कर कोलकाता पुलिस द्वारा तैयार किये गये ग्रीन कॉरिडोर से लीवर तड़के 4.49 बजे पीजी से रवाना किया गया, जो 5 बजे अपोलो पहुंचा. पीजी से अपोलो तक के सफर को मात्र 11 मीनट में तय किया गया. उधर, एक निजी अस्पताल को मृतका के कॉर्निया को दान कर दिया गया है, जबकि पीजी के स्किन बैंक में उसके त्वचा को संरक्षित रख लिया गया.
इन मरीजों को मिला जीवन दान
जानकारी के अनुसार, एसएसकेएम अस्पताल में खड़दा की रहने वाली मौमिता चक्रवर्ती और उत्तर 24 परगना के सोदपुर निवासी संजीव दास को किडनी प्रत्यारोपित किया गया है. सुबह सात बजे के बाद दोनों की सर्जरी पूरी हुई, जबकि हैदराबाद के 44 वर्षीय पुरुष को लीवर मिला है. इस मरीज को प्रत्यारोपण के लिए मध्यरात्रि में ही विमान से कोलकाता बुला लिया गया था. अपोलो हॉस्पिटल के सीइओ राणा दास गुप्ता ने प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर प्रत्यारोपण के बाद मरीज को ‘स्थिर’ बताया है. पीजी में किडनी प्राप्त करने वाले दोनों मरीज भी स्थिर बताये गये हैं.
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