जेल में मोबाइल मिला तो और तीन साल कैद
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कोलकाता : जेलों में कैदियों के पास से मोबाइल, सिम कार्ड या अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण मिलने पर उन्हें तीन साल की सजा हो सकती है. दोषी पाये जाने पर पहले से चल रही सजा पूरी होने के बाद कैदी तीन साल की अतिरिक्त सजा काटेगा. यही नहीं, वायरलेस संचार उपकरण को जेल के भीतर लाने-ले […]
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कोलकाता : जेलों में कैदियों के पास से मोबाइल, सिम कार्ड या अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण मिलने पर उन्हें तीन साल की सजा हो सकती है. दोषी पाये जाने पर पहले से चल रही सजा पूरी होने के बाद कैदी तीन साल की अतिरिक्त सजा काटेगा. यही नहीं, वायरलेस संचार उपकरण को जेल के भीतर लाने-ले जाने में मददगार सुधार गृह के अधिकारियों और अन्य कर्मचारी को दोषी पाये जाने पर तीन साल की सजा या 3000 रुपये का जुर्माना या दोनों दंड का एक साथ सामना करना पड़ सकता है. सोमवार को इस बाबत विधानसभा में पश्चिम बंगाल सुधारगृह सेवा (संशोधन) विधेयक, 2018 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.
नये कानून के मुताबिक, मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी के यहां मामला चलेगा और सजा दी जायेगी. राज्य के संसोधनागार सेवा मामलों के मंत्री उज्जल विश्वास ने कहा कि जेलों में कैदी के पास से कोई भी वायरलेस कम्युनिकेशन डिवाइस जैसे सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, बैटरी, चार्जर या मोबाइल पाया जाता है और वे इसके इस्तेमाल के दोषी पाये जाते हैं, तो उनकी सजा तीन साल तक और बढ़ा दी जायेगी. दोषी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत कार्रवाई का जायेगी. मंत्री ने कहा कि कड़ी जांच के बावजूद जेलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल के मामले सामने आते रहे हैं. इससे निपटने के लिए कानून में संशोधन जरूरी थी.
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