कोलकाता: आइआइटी में लड़कियों की संख्या कम, इसे बढ़ाना जरूरी : राष्ट्रपति
Updated at : 21 Jul 2018 8:43 AM (IST)
विज्ञापन

कोलकाता/ खड़गपुर : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कहा कि लड़कियां बोर्ड परीक्षाओं, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लड़कों को अक्सर पछाड़ देती हैं, लेकिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) में उनकी संख्या ‘दुखद रूप से कम’ है और इसे बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने आइआइटी खड़गपुर के 64वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा […]
विज्ञापन
कोलकाता/ खड़गपुर : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कहा कि लड़कियां बोर्ड परीक्षाओं, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लड़कों को अक्सर पछाड़ देती हैं, लेकिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) में उनकी संख्या ‘दुखद रूप से कम’ है और इसे बढ़ाने की जरूरत है.
उन्होंने आइआइटी खड़गपुर के 64वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 2017 में आइआइटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों की संख्या एक लाख 60 हजार थी, जिसमें लड़कियां केवल 30 हजार थीं. उस वर्ष आइआइटी की स्नातक कक्षाओं में 10,878 छात्र भर्ती हुए थे, जिसमें केवल 995 लड़कियां थीं. कोविंद ने कहा: यह विषय मुझे लगातार परेशान करता है. यह नहीं चल सकता, हमें इन संख्याओं के बारे में कुछ करना चाहिए.
राष्ट्रपति ने कहा कि जब कोई बोर्ड परीक्षाओं के बारे में सोचता है तो लड़कियां अच्छा परिणाम लाती हैं. वे अक्सर लड़कों को पछ़ाड़ देती हैं. वह देश भर में जिन काॅलेजों और विश्वविद्यालयों में जाते हैं, छात्रों के मुकाबले छात्राओं द्वारा ज्यादा पदक जीतने की प्रवृत्ति देखते हैं. (लेकिन आइआइटी में) छात्राओं की संख्या दुखद रूप से कम है.
2400 छात्रों को मिलीं डिग्रियां
राष्ट्रपति ने कहा कि आइआइटी खड़गपुर में प्रवेश पाने वाले 11,653 छात्रों में से 1,925 लड़कियां हैं. देश में उच्चतर शिक्षा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में महिलाओं की भागीदारी ‘आगामी दशक में उचित एवं स्वीकार्य स्तर तक बढ़नी चाहिए और यह राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए और आइआइटी समिति को इस दिशा में आगे कदम बढ़ाना चाहिए.
राष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिम बंगाल, जहां आइआइटी खड़गपुर है, ने ‘ऐतिहासिक रूप से विख्यात सफल महिलाएं पैदा की हैं, जिन्होंने राष्ट्रनिर्माण और समाज में एक बड़ा योगदान दिया है. उनमें से एक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमारे बीच मौजूद हैं.’ संस्थान के निदेशक पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती ने एमबीए, बीटेक, बीआर्क, बीटेक- एमटेक, एमटेक, मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के परास्नातक पाठ्यक्रमों के 2,400 छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं.
माता-पिता और शिक्षकों को कभी न भूलें : ममता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दीक्षांत समारोह में आइआइटी खड़गपुर के स्नातकों से कहा कि वे भविष्य में जहां कहीं भी हों अपने देश और राज्य को न भूलें. उन्होंने कहा कि अपने माता-पिता को, शिक्षकों को न भूलें. कृपया अपने माता-पिता और मातृभूमि का सम्मान करें. इस मौके पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी भी सम्मानीय अतिथि के रूप में समारोह में मौजूद थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




