कोलकाता : मुर्गी के मांस (चिकन) पर हानिकारक रसायन फार्मोलिन का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं? इसके अलावा और क्या-क्या खामियां हैं? इन सारे तथ्यों की जानकारी के लिए कोलकाता नगर निगम जल्द ही संग्रह किये गये चिकन के नमूनों को जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में भेजेगा. इसकी जानकारी कोलकाता नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य (स्वास्थ्य) अतिन घोष ने दी. उन्होंने बताया कि जांच के लिए संग्रह किये गये नमूनों को कोलकाता नगर निगम अपने लैब में टेस्ट कर रहा है.
साथ ही विशेष कुछ खामियों का पता लगाने के लिए खासकर हानिकारक केमिकल फार्मोलिन के अलावा और क्या-क्या इस्तेमाल किये जा रहे हैं, बिक्री किये जाने वाले मांस में और भी कुछ खामियां हैं या नहीं. डॉ प्रशांत विश्वास की अगुवाई में जेयू की टीम एक विशेष रिपोर्ट के लिए नमूनों का टेस्ट करेगी.

