परीक्षा में बैठने की मांग पर छात्रों ने किया प्रदर्शन
कोलकाता : कलकत्ता यूनिवर्सिटी व इससे जुड़े सभी 150 कॉलेजों में दाखिले के समय ही यह नियम लागू हो जाता है कि छात्रों को नियमित कक्षा में आना ही होगा. उनकी न्यूनतम उपस्थिति 60-65 प्रतिशत होनी चाहिए. इसके बावजूद कई छात्रों की उपस्थिति काफी कम होने पर बुधवार को उन्हें परीक्षा का फार्म नहीं भरने दिया गया. कई छात्रों के आवेदन रद्द कर दिये गये. इसके विरोध में यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन व हंगामा किया. छात्रों की मांग है
कि उनको परीक्षा से वंचित न किया जाये. वहीं यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर सोनाली बनर्जी चक्रवर्ती का कहना है कि छात्रों को कई बार चेतावनी दी गयी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया. एआइएसए के छात्रों की मांग की है कि परीक्षा से पहले भरे गये फार्म को स्वीकार किया जाये, उन्हें बैठने दिया जाये. परीक्षा में बैठने देने की मांग को लेकर कलकत्ता विश्वविद्यालय के छात्रों ने काफी देर तक प्रदर्शन किया.
