सड़क हादसे में हुई पुलिस अधिकारी की मौत या कंस्ट्रक्शन माफिया ने करवायी हत्या

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Feb 2018 11:00 AM

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कोलकाता : भूमि माफिया, शराब माफिया या बालू माफिया द्वारा बिहार और झारखंड में पुलिस वालों पर हमले आम बात हैं. पश्चिम बंगाल में भी एक ऐसा मामला सामने आया है. हालांकि, पुलिस इसे माफिया की करतूत नहीं मान रहा. पुलिस का कहना है कि सब-इंस्पेक्टर राजेश दास की मौत स्वाभाविक दुर्घटना है. सोनारपुर थाना […]

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कोलकाता : भूमि माफिया, शराब माफिया या बालू माफिया द्वारा बिहार और झारखंड में पुलिस वालों पर हमले आम बात हैं. पश्चिम बंगाल में भी एक ऐसा मामला सामने आया है. हालांकि, पुलिस इसे माफिया की करतूत नहीं मान रहा. पुलिस का कहना है कि सब-इंस्पेक्टर राजेश दास की मौत स्वाभाविक दुर्घटना है.

सोनारपुर थाना के एएसआई राजेश दास (45) की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी. इसे सामान्य हादसा बताकर फाइल बंद करने की तैयारी में लगी पुलिस को उस वक्त झटका लगा, जब राजेश के दोस्तों और करीबियों ने इसे भू-मफियाओं की करतूत करार देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

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इस बाबत जब मीडिया सक्रिय हुआ, तो सोनारपुर के आईसी आग-बबूला हो गये. कहा कि यह झारखंड और बिहार नहीं है, जो माफिया और अपराधी फिल्मी अंदाज में किसी की भी गाड़ी से हत्या करके चले जायेंगे.कोलकाता के सोनारपुर में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर राजेशदास की 5 फरवरीकोएक वाहन से कुचलकर मौत हो गयी थी. इसी दिन मोतिहारी में शराब तस्करों ने सैप के जवान दिनेश प्रसाद सिन्हा को स्कॉर्पियो से रौंद दिया था.

पहले तो लोगों को यह सामान्य हादसा लगा, लेकिन मोतिहारी की घटना सामनेआयी,तबलोगों का माथा ठनका. जिस ट्रक से कुचलकर राजेश की मौत हुई, उसपर ईंट लदेथे. इसके बाद से ही श्यामल दे , विश्वजीत जाना सरीखे लोग राजेश की मौत को संदिग्ध मान रहे हैं. इन लोगों ने इसमें भू-मफियाओं की संलिप्तता के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

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इन लोगों की मानें, तो सोनारपुर इलाके में भूमि माफियाऔर प्रमोटर की गतिविधियां धड़ल्ले से जारी हैं.राजेश के दोस्तों की मानें, तो हाल ही में सोनारपुर थाना की ओर से एक जगह अवैध निर्माण केदौरान छापेमारी की गयी थी. इस दौरान राजेश के हाथ कई कागजात ऐसे कागजात लगे, जिससे बड़े बिल्डरों की जान सांसत में आ गयी.

राजेश के दोस्तों का कहना है कि जिन बिल्डरों और प्रमोटरोंके इस मामले में फंसने की आशंका है, उनके पुलिस के उच्च अधिकारियों सेकरीबीसंबंध हैं. इसलिए इस बात की आशंका जाहिर की जा रही है कि किसी प्रमोटर ने ईंट लदे ट्रक से राजेश को कुचलवा दिया हो, ताकि इसे दुर्घटना का नाम देकर आसानी से बचा जा सके.

मंगलवार को जब मीडिया ने इस मुद्दे पर सवाल पूछे, तो सोनारपुर के आईसी पीसी राय ने सबको मौके पर जाकर मुआयना करने को कहा. हालांकि, इसके पहले वह दावा करते रहे कि मामला सामान्य दुर्घटना का है. उनसे साजिश के बारे में पूछा गया, तो वह भड़क गये. कहा कि यह सब झारखंड और बिहार में होता है,बंगाल में नहीं.

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पीसी राय ने कहा, ‘हमलोगों ने ट्रक को पकड़ लिया है. ड्राईवर और मालिक पुलिस की जद में हैं. मौके पर मिले गवाह भी इसे दुर्घटना बता रहे हैं. मीडिया केवल बात का बतंगड़ बना रहा है.’ पिछले दिनों हुई गिरफ्तारी और कोर्ट की मनाही के बावजूद चल रहे निर्माण कार्य का सवाल और राजेश दास की भूमिका के बारे में जब पूछा गया, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया और पत्रकारों को बाहर चले जाने के लिए कहा. दूसरी तरफ, राजेश के दोस्त मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं.

उल्लेखनीय है कि बिहार के मोतिहारी में शराब तस्करों ने एक स्काॅर्पियो से सैप के जवान दिनेश प्रसाद सिन्हा को रौंद दिया था. पुलिस को पक्की खबर मिली थी कि दो स्काॅर्पियों में शराब तस्कर अवैध रूप से शराबला रहे हैं. खबर मिलने के बाद पुलिस ने इन्हें दबोचने का प्रयास किया, तो सामने वाली स्काॅर्पियो जवान को रौंदते हुए फरार हो गयी.

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