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1.05 करोड़ रुपये पाने के लोभ में गंवाये 26.90 लाख

Updated at : 01 Apr 2024 9:24 PM (IST)
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1.05 करोड़ रुपये पाने के लोभ में गंवाये 26.90 लाख

साइबर ठगी. शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को लगातार लूट रहे साइबर क्राइम के शातिर

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साइबर ठगी. शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को लगातार लूट रहे साइबर क्राइम के शातिर

आसनसोल.

लोगों को अपने जाल में फंसा कर साइबर क्राइम के शातिर लगातार लूट रहे हैं और यह सिलसिला बढ़ता जा रहा है. पुलिस विभिन्न माध्यमों से लोगों को निरंतर जागरूक कर रही है, फिर भी लालच में आकर लोग शातिरों के मकड़जाल में फंस कर अपना धन गंवा रहे हैं. ऐसे ही आसनसोल सृष्टिनगर इलाके के निवासी सौरभ पसारी भी शिकार बने. शेयर ट्रेडिंग के नाम पर इन्हें अपने झांसे में फंसा कर शातिरों ने 26.90 लाख रुपये लूट लिये. इसकी शिकायत पसारी ने आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट(एडीपीसी) के साइबर क्राइम थाने में जाकर की. उसके आधार पर केसर नंबर 31/24 में आइपीसी की धारा 419/420/406/120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. सूत्रों की मानें, तो शेयर ट्रेडिंग के जरिये ठगी के अधिकतर मामलों का संचालन विदेशों में बैठे साइबर क्राइम के शातिर कर रहे हैं. कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने 75 लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपियों को पकड़ा, तो खुलासा हुआ कि 40 लाख रुपये दुबई में पहुंचे हैं. इस अपराध का मास्टरमाइंड दुबई में है और वहां से बैठ कर भारत में अपने एजेंट के जरिये ठगी को अंजाम दे रहा है. ऐसे में पीड़ित के रुपये निकालना या बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गयी है.

गौरतलब है कि साइबर क्राइम के हाइटेक मुजरिम सोशल मीडिया पर विभिन्न किस्म के विज्ञापन डालते हैं, जिसमें विभिन्न तरीकों से लोगों को किसी भी काम में अच्छा मुनाफा देने का लालच दिया जाता है. हाल के दिनों में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर क्राइम के शातिरों ने करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी की है.

कर्ज की राशि चुकाये बिना नहीं मिल सकते थे एक करोड़ रुपये

पुलिस से सौरभ पसारी ने अपनी शिकायत में कहा कि 18 जनवरी 2024 को फेसबुक पर सर्फिंग के दौरान उन्हें एलियांज ग्लोबल इन्वेस्टर का शेयर ट्रेडिंग और ट्यूटोरियल का लिंक मिला. लिंक पर क्लिक किया और उन्हें इंडियन स्टॉक्स एलीट 08 व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया गया. ग्रुप में सहायता करनेवाले सदस्य कोरे ने एक मैसेज भेजा. एक ऐप के लिए यूजर आइडी और पासवर्ड बनाया गया. फिर उसने एक एप्लिकेशन का लिंक भेजा और पैसा जमा करने के लिए एक खाता नंबर भेजा. अपने आइसीआइसीआइ बैंक से दो किस्तों में पांच हजार रुपये जमा किये. यह राशि स्टॉक खरीदने के नाम पर व्हाट्सऐप ग्रुप में दिये गये विभिन्न खातों में जमा हुए. बकौल शिकायतकर्ती, मेरे वॉलेट में उपलब्ध फंड से अधिक राशि का आइपीओ आवंटित किया. अधिक फंड निवेश करने से मुनाफा अच्छा होगा. इसलिए कर्ज देने की पेशकश की. इस पर सहमति जताने पर 18.5 लाख कर्ज दे दिया गया. यह राशि बैंक खाते के बजाय वॉलेट में आयी. इस राशि से स्टॉक की खरीद-बिक्री के बाद वॉलेट में कुल 1,05,98,622.24 रुपये हो गये. जब रुपये निकालने गया, तो लोन रिपेमेंट, सर्विस चार्ज के तौर पर रुपये जमा करने को कहा गया. 26 मार्च 2024 को 2.95 लाख का भुगतान किया. लेकिन उन लोगों ने और रुपये देने को कहा, नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया. उसके बाद 23.95 लाख रुपये का भुगतान किया. फिर भी रुपये नहीं निकले, तब वे समझ गये कि साइबर क्राइम के शातिरों के शिकार हो गये हैं. इसके बाद उनकी शिकायत साइबर थाने में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की.

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