भाजपा और तृणमूल एक दूसरे के पूरक, आसनसोल में बोले माकपा नेता डॉ सुजन चक्रवर्ती

आसनसोल में पार्टी कार्यालय के उद्घाटन समारोह में डॉ सुजन चक्रवर्ती व अन्य नेता. फोटो : प्रभात खबर
West Bengal Politics: बंगाल में चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, राजनीतिक दलों का एक-दूसरे पर हमला तेज होता जा रहा है. दिन में तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोला, तो दूसरी ओर माकपा ने टीएमसी और बीजेपी भाजपा और तृणमूल एक दूसरे के पूरक, आसनसोल में बोले माकपा नेता डॉ सुजन चक्रवर्ती आसनसोल में टीएमसी और बीजेपी को एक-दूसरे का पूरक बता दिया.
Table of Contents
West Bengal Politics|आसनसोल (पश्चिम बंगाल), संतोष कुमार : बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे करीब आ रहा है, राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुट गये हैं. साथ ही विपक्षी दलों पर हमले भी तेज हो गये हैं. कभी वामपंथियों का गढ़ कहे जाने वाले आसनसोल में हाल के वर्षों में वामपंथी कमजोर पड़ते दिख रहे हैं. अपनी खोयी जमीन वापस पाने के लिए फिर से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने प्रयास तेज कर दिये हैं.
मतदान के लिए अधिकारी घर-घर जा सकते हैं, तो एसआईआर के लिए क्यों नहीं – डॉ सुजन
शनिवार को पूर्व सांसद डॉ सुजन चक्रवर्ती ने आसनसोल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत अभी हियरिंग की प्रक्रिया चल रही है. बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को हियरिंग केंद्र पर बुलाया जा रहा है. अगर मतदान करने के लिए मतदान अधिकारी लोगों के घर जा सकते हैं, तो हियरिंग करने के लिए लोगों के घर क्यों नहीं जा सकते? उन्होंने कहा कि आयोग को इसका प्रबंध पहले से करके रखना चाहिए था.
तृणमूल नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई नहीं हुई – माकपा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता में दिये गये तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने वाले बयान पर भी डॉ सुजन चक्रवर्ती ने प्रतिक्रिया दी. कहा कि अगर भाजपा नेता तृणमूल को सत्ता से हटाने के लिए गंभीर होते, तो तृणमूल नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के जितने मामले हैं, उन पर अब तक उचित कार्रवाई की जाती, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है.
2002 में भी हुआ था एसआईआर, तब लोगों के मन में डर नहीं था – डॉ सुजन चक्रवर्ती
दूसरी तरफ, एसआईआर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में भी एसआईआर हुआ था. तब बंगाल के लोगों को पता था कि बंगाल में वाममोर्चा की सरकार है. उनको डरने की आवश्यकता नहीं है. आज केंद्र की भाजपा और बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने लोगों के मन में डर बैठा दिया है. हालांकि, माकपा नेता ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जब तक लाल झंडा है, तब तक लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है. इस देश के नागरिकों की नागरिकता खत्म करने की हिम्मत किसी में नहीं है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
West Bengal Politics: वामदलों के शासन में आसनसोल में हुई थी उद्योगों की स्थापना
डॉ चक्रवर्ती ने कहा कि जब बंगाल में वामपंथी सरकार थी, तो आसनसोल और उसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना हुई थी. कहा कि पिछले 15 सालों में यहां कुछ नहीं हुआ. तृणमूल और भाजपा एक-दूसरे के पूरक हैं. दोनों पार्टियों के रहते लोगों के मन से डर और आशंका दूर नहीं हो सकती है.
मोहिशीला में माकपा के पार्टी कार्यालय का हुआ उद्घाटन
माकपा नेता और पूर्व सांसद सुजन चक्रवर्ती ने आसनसोल के मोहिशीला में गौतम अशोक स्मृति भवन माकपा पार्टी कार्यालय का उद्घाटन किया. मौके पर पश्चिम बर्धमान जिला कमेटी के नेता पार्थ मुखर्जी, सत्तो चक्रवर्ती और जिले के तमाम बड़े माकपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे.
इसे भी पढ़ें
संदेशखाली में अब पुलिसकर्मियों पर हमला, तृणमूल कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने पहुंची थी टीम
मौसम नूर ने छोड़ी टीएमसी, तो कांग्रेस पर भड़की ममता बनर्जी की पार्टी, जयराम रमेश ने दिया ये जवाब
एसआईआर में भाषाई बाधा दूर करने के लिए ओडिया अनुवादकों की नियुक्ति करेगा चुनाव आयोग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




