लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश, एनकाउंटर के नाम पर 'प्लांड मर्डर' हो रहा है: शुभांकर सरकार:

पुरुलिया में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बड़ा बयान; योगीराज के 'बुलडोजर राज' और 'एनकाउंटर मॉडल' पर उठाए गंभीर सवाल, बरूईपुर कांड को बताया हिंदी फिल्म जैसी कमजोर स्क्रिप्ट: | Prabhat Khabar Network
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने एनकाउंटर और बुलडोजर राज पर उठाए गंभीर सवाल, बरूईपुर कांड को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा।
लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश, एनकाउंटर के नाम पर 'प्लांड मर्डर' हो रहा है: शुभांकर सरकार: पुरुलिया में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बड़ा बयान; योगीराज के 'बुलडोजर राज' और 'एनकाउंटर मॉडल' पर उठाए गंभीर सवाल, बरूईपुर कांड को बताया हिंदी फिल्म जैसी कमजोर स्क्रिप्ट: पुरुलिया: पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने बरूईपुर कांड को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था और देश में बढ़ रहे एनकाउंटर कल्चर पर तीखा हमला बोला है. पुरुलिया जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एनकाउंटर के नाम पर योजनाबद्ध तरीके से हत्याएं (प्लांड मर्डर) की जा रही हैं और देश से लोकतंत्र को मिटाने की कोशिश हो रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुरुवार को पुरुलिया जिला कांग्रेस कार्यालय में 21 जुलाई के शहीद स्मरण दिवस के मौके पर कोलकाता के शहीद मीनार मैदान में होने वाली जनसभा को सफल बनाने के लिए सांगठनिक दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान उनके साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष नेपाल चंद्र महतो सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और नेता उपस्थित थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शुभांकर सरकार ने 21 जुलाई की ऐतिहासिक घटना का जिक्र करते हुए मांग की कि मनीष गुप्ता की फाइल दोबारा खोली जानी चाहिए. उन्होंने कहा, उस दिन किसके आदेश पर इतने लोगों की जान गई थी? लेकिन हमने देखा कि मनीष गुप्ता ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण मंत्री बने और सांसद भी रहे. उस वक्त कौन दोषी था और कौन निर्दोष, इस पर जांच आयोग की कोई भी रिपोर्ट आज तक जनता के सामने नहीं आई. हम दोषियों को सजा देने की मांग करते हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बढ़ रहे एनकाउंटर और बुलडोजर एक्शन पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में जिस तरह से बुलडोजर राज और एनकाउंटर की पद्धति को लागू किया जा रहा है, हम उसके खिलाफ हैं. इससे हमारी न्याय व्यवस्था, गवाह और कानूनी प्रक्रियाओं की अहमियत खत्म हो रही है.योगी राज्य में जिस तरह से बुलडोजर राज और एनकाउंटर होते हैं, उसी पद्धति पर अगर बंगाल में भी सरकार चलती रही, तो हम इसका कड़ा विरोध करेंगे. आगामी 21 जुलाई के मंच से भी हमारी यह प्रमुख मांग होगी. बरूईपुर की घटना पर पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए शुभांकर सरकार ने कहा, कोई भी हमेशा सत्ता में नहीं रहता. जब वे सत्ता में नहीं रहेंगे और यही बात कोई दूसरा संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति कहेगा, तो क्या यह लोकतंत्र के लिए अच्छा होगा? यह एनकाउंटर के नाम पर प्लांड मर्डर नहीं तो और क्या है? अगर वह शख्स मुंह खोल देता तो सरकार या फिर भाजपा-आरएसएस के लिए मुसीबत खड़ी हो जाती, इसीलिए सुनियोजित हत्या करके उसे रोक दिया गया. उन्होंने आगे सवाल उठाया, पुलिस प्रशासन बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के वहां री-कंस्ट्रक्शन के लिए क्यों पहुंची थी? इसे बेहतर तरीके से हैंडल करने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? इस पूरी घटना को किसी हिंदी सिनेमा की तरह सजाया गया है, जिसकी स्क्रिप्ट बेहद कमजोर है. लोकतंत्र के मंदिर में बैठकर अलोकतांत्रिक व्यवस्था चलाना बिल्कुल भी सही नहीं है. कोई दोषी है या निर्दोष, यह तय करना अदालत का काम है. क्या राजनीतिक दल, इलाके की जनता या पुलिस खुद जज बन जाएगी? कोई भी इस घटना का समर्थन नहीं कर सकता. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयानों पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकारें बदल गईं, लेकिन व्यवस्था नहीं बदली.अमित शाह कहते हैं कि महिला सुरक्षा के मामले में 'जीरो टॉलरेंस' रहेगा, लेकिन आज डबल इंजन सरकारों वाले राज्य हाथरस, मध्य प्रदेश और ओडिशा के साथ अब बरूईपुर का नाम भी जुड़ गया है, और इसके साथ ही जुड़ गया है यह एनकाउंटर का खौफनाक खेल.
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