श्रमिकों को न्यूनतम वेतन समेत कई मांगों पर डीएम को दिया ज्ञापन बांकुड़ा. मंगलवार को भाजपा-माले (लिबरेशन), आदिवासी अधिकार और विकास मंच समेत कई जन-संगठनों की ओर से जिलाधिकारी को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा गया. प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि लंबे समय से आदिवासियों के कब्जे में रही वनभूमि पर स्वामित्व अधिकार और पर्चा वितरण में हो रही देर का कारण स्पष्ट किया जाये. आदिवासी किसानों को जमीन का मालिकाना देने की मांग ज्ञापन में उल्लेख है कि ब्लॉक-एक के तातकनाली और बिष्णुपुर के घुटबन समेत कई गांवों में अनुसूचित जाति – जनजाति के किसान वर्षों से बंटाई पर खेती कर रहे हैं, परंतु अब उन्हें बेदखली व मुकदमे झेलने पड़ रहे हैं. संगठनों ने मांग की कि जिन किसानों ने भूमि-स्वामित्व के लिए आवेदन दिया है, उनका नाम तुरंत सरकार के रिकॉर्ड में पंजीकृत किया जाये. साथ ही, 100 दिन के काम की मनरेगा योजना, जो केंद्र व राज्य सरकारों की सियासी खींचतान से रुकी हुई है, उसे जिले में फिर से शुरू किया जाये. सफाई व मिड-डे मील कर्मियों के लिए वेतन सुधार की अपील ज्ञापन में यह भी है कि मिड-डे मील कर्मियों को सरकार द्वारा निर्धारित बोनस और 12 महीने का न्यूनतम वेतन दिया जाए. बिष्णुपुर और जिले की तीनों नगरपालिकाओं के सफाई कर्मचारियों को पीएफ, ईएसआई के साथ न्यूनतम वेतन और हर माह की पहली तारीख को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए. प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को एसआईआर के माध्यम से दलितों और अल्पसंख्यकों के मताधिकार छीनने की कथित साजिश को विफल करने के लिए जरूरी दस्तावेज जनता के बीच उपलब्ध कराने चाहिए. ज्ञापन सौंपने से पहले आयोजित बैठक में प्रख्यात चिकित्सक सोमराज मुखर्जी, अभिषेक विश्वास, महिला नेता तितास गुप्ता, आदिवासी नेता सहदेव टुडू, श्रमिक नेता भास्कर सिन्हा, भाकपा-माले (लिबरेशन) के जिला सचिव बबलू बनर्जी और फरहान हुसैन खान ने संबोधित किया. अंत में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपा.
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