आसनसोल.
लोगों को लूटने के लिए अपराधी हर दिन कोई न कोई जाल फैला रहे हैं और उसमें लोग फंस रहे हैं. जबतक समझ मे आती है, तबतक काफी देर हो चुकी होती है. कुल्टी थाना क्षेत्र के बराकर-बलतोड़िया मोड़ इलाके के निवासी मोहम्मद साजिद अंसारी ऐसे ही एक मामले के शिकार हो गये और उनकी शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना आसनसोल में प्राथमिकी हुई. श्री अंसारी को पोलैंड में रहना-खाना लेकर 90 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने का वादा करके 5.2 लाख रुपये बदमाशों ने लूट लिया. श्री अंसारी सामान्य परिवार से होने के कारण, इस नौकरी को लेकर पैसा जुगाड़ने के लिए अपनी गाड़ी बेच दी और कर्ज पर भी मोटी रकम ली. नौकरी भी नहीं मिली और सारा पैसा भी चला गया. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) मीर सईदुल अली ने बताया कि साइबर क्राइम थाना में मामला दर्ज हुआ है. पुलिस इसकी जांच कर रही है. गौरतलब है कि नौकरी का झांसा देकर लोगों को लूटने का धंधा शिल्पांचल में काफी तेजी से फैला है. विभिन्न सरकारी संस्थाओं में नौकरी दिलाने के नाम पर भारी संख्या में युवकों को लूटा गया है. जिसकी अनेकों प्राथमिकियां दर्ज हुई और उसपर पुलिसिया कार्रवाई में अनेकों लोग गिरफ्तार भी हुए. लेकिन यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में पहली बार साइबर क्राइम थाना आसनसोल ने प्राथमिकी दर्ज हुई है. बराकर निवासी श्री अंसारी ने अपनी शिकायत में बताया कि मेरठ के निवासी साजेब ने उनसे फोन पर संपर्क किया और पोलैंड में नौकरी दिलाने का वादा किया. खाना-रहना के साथ 90 हजार प्रतिमाह की तनख्वाह मिलने की बात कही. इसे लेकर कई किस्तों में उन्होंने साजेब को 5.2 लाख रुपये का भुगतान भी किया. इस कार्य में साजेब का साथ एक कन्सलटेंसी फर्म के जनरल मैनेजर मित्तल ने भी दिया. गलत तरीके से वित्तीय लाभ कमाने के लिए दोनों आरोपी मिल कर इस तरह का धंधा चला रहे हैं. पैसे भुगतान करने के बाद भी कोई नौकरी नहीं मिली. वीजा के लिए दो बार दिल्ली गया. वीजा भी नहीं हुआ. बाद में आरोपियों ने आर्मेनिया और सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का वादा किया. वह भी फेल हो गया. अब वे पैसे भी नहीं लौटा रहे हैं. इस शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

