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रायपुर में पुरुलिया के प्रवासी श्रमिकों पर हमला, घर लौटे चार

Updated at : 06 Jan 2026 9:49 PM (IST)
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रायपुर में पुरुलिया के प्रवासी श्रमिकों पर हमला, घर लौटे चार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुरुलिया के आठ अल्पसंख्यक प्रवासी मजदूरों पर बांग्ला भाषा बोलने के कारण बांग्लादेशी बताकर कथित रूप से मारपीट किये जाने का आरोप लगा है.

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पुरुलिया.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुरुलिया के आठ अल्पसंख्यक प्रवासी मजदूरों पर बांग्ला भाषा बोलने के कारण बांग्लादेशी बताकर कथित रूप से मारपीट किये जाने का आरोप लगा है. पुलिस के हस्तक्षेप से सभी को बचाया गया. दस्तावेज सत्यापन के बाद चार मजदूरों को रिहा कर दिया गया, जबकि चार नाबालिग होने के कारण स्थानीय होम में रखे गए. मंगलवार को रिहा किये गये चार मजदूर अपने गांव लौट आये. घटना के बाद मजदूरों ने दूसरे राज्यों में काम करने से इनकार करते हुए जिले में ही रोजगार की मांग की है.

मजदूरी विवाद के बाद हमला

मफस्सिल थाना क्षेत्र के चेपड़ी गांव के शेख आसलम, शेख बब्बी, शेख जुल्फिकार, शेख साहिल, तेतुलो गांव के अरबाज काजी और आरशा थाना क्षेत्र के भुरसू गांव के शेख मिनाल व शेख इस्माइल कुछ माह पहले रायपुर के एक पौष्टिक रोटी कारखाने में काम करने गए थे. मजदूरों के अनुसार रविवार को मजदूरी भुगतान को लेकर कारखाना प्रबंधन से विवाद हुआ. इसके बाद बजरंग दल के सदस्य वहां पहुंचे और बांग्ला बोलने पर उन्हें बांग्लादेशी बताकर मारपीट की.

पुलिस हस्तक्षेप और दस्तावेज जांच

घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस से संपर्क किया. रायपुर के कोतवाली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मजदूरों को छुड़ाया. बाद में पुरुलिया पुलिस से समन्वय कर दस्तावेजों की जांच की गई. सत्यापन के बाद चार मजदूरों को छोड़ा गया, जबकि चार नाबालिग होने के कारण कानूनी प्रक्रिया के तहत स्थानीय होम में रखे गए.

राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रशासन का बयान

जिला तृणमूल कांग्रेस माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सद्दाम हुसैन अंसारी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बंगाली और बांग्ला भाषियों पर अत्याचार हो रहा है और छत्तीसगढ़ इसकी मिसाल है. उन्होंने कहा कि बकाया मजदूरी की मांग के बाद हमला किया गया और जिला प्रशासन के सहयोग से चार मजदूरों को घर लाया गया, जबकि बाकी चार को भी जल्द लाया जायेगा. भाजपा जिला मीडिया सेल इंचार्ज जयदीप्त चटर्जी ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में रोजगार की कमी के कारण युवाओं को बाहर जाना पड़ता है और छत्तीसगढ़ सरकार को दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. जिला पुलिस अधीक्षक वैभव तिवारी ने बताया कि रायपुर में आठ प्रवासी मजदूरों पर हमले की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया. चार मजदूर लौट चुके हैं और नाबालिग मजदूरों को जल्द वापस लाने के प्रयास जारी हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT KUMAR

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AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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