सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल में जलजमाव से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित

Updated at : 27 May 2025 9:34 PM (IST)
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सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल में जलजमाव से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित

बरसात से सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल के अंदर पानी भर गया, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं. सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल में एक ही बारिश में पानी भर गया और दवाएं व अन्य सामान पानी में तैरते दिखे. मरीज व उनके रिश्तेदार को बेंचों पर पैर ऊपर करके बैठने पर विवश होना पड़ा. बारिश के बाद ऐसी ही एक तस्वीर वायरल होने के बाद इलाके में विवाद का तूफान खड़ा हो गया.

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बांकुड़ा.

बरसात से सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल के अंदर पानी भर गया, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं. सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल में एक ही बारिश में पानी भर गया और दवाएं व अन्य सामान पानी में तैरते दिखे. मरीज व उनके रिश्तेदार को बेंचों पर पैर ऊपर करके बैठने पर विवश होना पड़ा. बारिश के बाद ऐसी ही एक तस्वीर वायरल होने के बाद इलाके में विवाद का तूफान खड़ा हो गया. पेटदर्द के इलाज के लिए अस्पताल में आए कल्याणपुर के रमेन चक्रवर्ती ने कहा कि सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल की देखरेख पर अधिक जोर दिए जाने की जरूरत है एक ही बारिश में अस्पताल का ये हाल है तो मानसून में क्या होगा. सभी को काफी समस्याएं झेलनी होंगी. गौरतलब है कि सोमवार को भारी बारिश के कारण अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग में पानी भर गया था. फर्श पर गंदा पानी बहता नजर आया. दवाओं के डिब्बे पानी में तैरते नजर आये. रामेन बाबू और अन्य मरीज और उनके परिजनों का आरोप है कि सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल में ऐसा नजारा कई बार दिखा है. इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की गयी. यहां तक कि थोड़ी-सी बारिश होने पर भी छत और दीवारों की दरारों से पानी अस्पताल के बाहरी हिस्से में घुस जाता है यहां तक कि नर्दमा का गंदा पानी भी अंदर घुस जाता है. इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी होती है. हालांकि, सोनामुखी प्रखंड के 10 ग्राम पंचायत क्षेत्र और पतरासायर प्रखंड के कई ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोग इलाज के लिए सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल पर निर्भर हैं. लेकिन उस अस्पताल की बुनियादी संरचना ख़राब हालत में है. उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने का भी आरोप लगाया. गौरतलब है कि पिछले साल इसी ग्रामीण अस्पताल से एक नवजात को कुत्ते द्वारा ले जाने की तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हुई थी इससे पूरे जिले में हंगामा मच गया था जिला स्वास्थ्य अधिकारी तुरंत जांच के लिए अस्पताल पहुंचे थे उन्होंने वहां बुनियादी ढांचे के विकास और निगरानी का आश्वासन दिया था स्थानीय निवासियों को लगा कि शायद इस बार अस्पताल के बुनियादी ढांचे और रखरखाव में सुधार होगा किंतु इस बार अस्पताल की एक और भयावह तस्वीर सामने आई. फर्श गंदे पानी में डूबा हुआ है, दवाइयां तैर रही हैं और मरीजों के पैर डूब रहे हैं. और यहीं पर फिर विवाद पैदा हो गया है.

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