ePaper

बोलपुर : नोबेल पुरस्कार विजेता भारत रत्न अमर्त्य सेन को एसआइआर सुनवाई का नोटिस

Updated at : 07 Jan 2026 9:44 PM (IST)
विज्ञापन
बोलपुर : नोबेल पुरस्कार विजेता भारत रत्न अमर्त्य सेन को एसआइआर सुनवाई का नोटिस

चुनाव आयोग ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री और भारत रत्न अमर्त्य सेन को एसआइआर सुनवाई का नोटिस जारी किया है.

विज्ञापन

बोलपुर.

चुनाव आयोग ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री और भारत रत्न अमर्त्य सेन को एसआइआर सुनवाई का नोटिस जारी किया है. नोटिस में उनकी उम्र और उनकी मां की उम्र के अंतर को आधार बनाया गया है. आयोग के दस्तावेजों के अनुसार अमर्त्य सेन की उम्र उनकी मां की उम्र से 15 साल कम दर्ज है, जिसे विसंगति मानते हुए उनसे 16 जनवरी को सुनवाई के दौरान उचित जानकारी और प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा गया है.

नोटिस देने घर पहुंचे अधिकारी

चुनाव आयोग की ओर से इआरओ तान्या राय और बीएलओ सोमव्रत मुखोपाध्याय बुधवार को शांतिनिकेतन स्थित अमर्त्य सेन के आवास ‘प्रतीची’ पहुंचे. अधिकारियों ने अमर्त्य सेन के छोटे भाई शांतभानु सेन को यह नोटिस सौंपा. चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार अमर्त्य सेन बोलपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं और बोलपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 2 के अंतर्गत प्रवासी भारतीय निवासी के रूप में दर्ज हैं.

परिवार ने उठाये सवाल

नोटिस मिलने के बाद शांतभानु सेन ने कहा कि अधिकारियों ने उनके बड़े भाई के नाम पर नोटिस जारी किया है, क्योंकि कुछ जानकारी गलत पायी गयी है. उन्होंने बताया कि अमर्त्य सेन पहले भी मतदान कर चुके हैं. वहीं, घर की देखरेख करने वाले गीतिकंठ मजूमदार ने कहा कि नोटिस में मां और अमर्त्य सेन की उम्र में 15 साल का अंतर बताया गया है, जबकि वास्तविक अंतर साढ़े 19 साल का है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से अनावश्यक परेशान किया जा रहा है.

आयोग का स्पष्टीकरण और राजनीतिक प्रतिक्रिया

चुनाव आयोग की ओर से बाद में कहा गया कि नाम की वर्तनी और उम्र से जुड़ी इस छोटी गलती के लिए अमर्त्य सेन को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी. इसके बावजूद किसी भारत रत्न को एसआइआर सुनवाई का नोटिस मिलने से राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है. तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने बीरभूम के रामपुरहाट में पार्टी बैठक के दौरान इसे विडंबना बताया और कहा कि जिसने देश का नाम रोशन किया, उसे इस तरह का नोटिस दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.

परिवार और विरासत का उल्लेख

उल्लेखनीय है कि अमर्त्य सेन के दादा पंडित क्षितिमोहन सेन विश्व भारती की स्थापना में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के सहयोगियों में रहे और बाद में कुलपति भी बने. अमर्त्य सेन की मां अमिता सेन रवींद्रनाथ टैगोर की शिष्या थीं और स्वयं टैगोर ने ही उनका नाम ‘अमर्त्य’ रखा था. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद अमर्त्य सेन को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. इस नोटिस को लेकर राज्य और देशभर में चर्चा जारी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMIT KUMAR

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola