बाल दिवस पर आसनसोल स्टेशन पर विशेष कार्यक्रम

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आसनसोल : रेलवे सुरक्षा बल आसनसोल मंडल ने बाल दिवस पर ‘चाइल्ड लाइन’ और गैर सरकारी संस्था ‘प्राजक’ के साथ मिल कर बच्चों के लिए आसनसोल स्टेशन पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम‘चाइल्डलाइन से दोस्ती’ के जरिये बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों, बच्चों की तस्करी, घर से बिछड़े हुए बच्चे, घर से […]

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आसनसोल : रेलवे सुरक्षा बल आसनसोल मंडल ने बाल दिवस पर ‘चाइल्ड लाइन’ और गैर सरकारी संस्था ‘प्राजक’ के साथ मिल कर बच्चों के लिए आसनसोल स्टेशन पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम‘चाइल्डलाइन से दोस्ती’ के जरिये बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों, बच्चों की तस्करी, घर से बिछड़े हुए बच्चे, घर से भागे हुए बच्चे, वैसे बच्चे जिन्हें देख रेख की आवश्यकता है, उनके लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर आसनसोल मंडल के वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक मनीष, आसनसोल मंडल के वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त चंद्र मोहन मिश्र शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान मंडल के ‘स्काउट एंड गाइड’ के छोटे-छोटे बच्चों ने जागरूकता पर विशेष प्रस्तुतियां दीं.

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इन प्रस्तुतियों का मुख्य आकर्षण बच्चों की तस्करी से बचाव, बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता, बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के संबंध में जागरूकता चलाना आदि था. विशिष्ट अतिथि मनीष ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं. उनको सुरक्षित रखना एक नागरिक के तौर पर हमारा संवैधानिक और मानवीय दोनों ही कर्तव्य है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चाइल्डलाइन तथा प्रजाक संस्था के सहयोग से रेलवे के संपर्क में आए हुए बच्चों के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं तथा उन्हें सहायता प्रदान कर शिक्षा व अन्य माध्यमों से उनका भविष्य संवारा जा रहा है.
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त चंद्र मोहन मिश्र ने कहा कि रेलवे के परिसर में आने वाले बच्चों की सुरक्षा रेलवे सुरक्षा बल के प्राथमिक दायित्व में से सर्वप्रमुख है.
इस दिशा में रेलवे सुरक्षा बल का प्रत्येक अधिकारी तथा जवान पूरे मनोयोग से कार्य कर रहा है. इसी मनोयोग का परिणाम है कि रेलवे सुरक्षा बल आसनसोल मंडल द्वारा इस वर्ष 400 बच्चों को विभिन्न संकटग्रस्त स्थिति से उबर कर या तो उन्हें उनके परिवार से मिलाया गया है या फिर उन्हें गैर सरकारी संस्था तथा राज्य सरकार के सहयोग से पुनर्वास किया गया है.
इस पूरे प्रयास में उन्होंने गैर सरकारी संगठन प्राजक तथा उसके कोऑर्डिनेटर संचिता दे की भूमिका की भूरी भूरी प्रशंसा की. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंडल रेल प्रबंधक आसनसोल सुमित सरकार ने बच्चों के सुरक्षित यात्रा तथा रेलवे में आए हुए ऐसे बच्चे जिन्हें मदद की जरूरत है कि पूरी मदद आसनसोल मंडल के द्वारा प्रदान की जायेगी.
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