इस्पात उद्योग में जिले में एक लाख करोड़ से अधिक की राशि निवेशित, औद्योगिक विकास के लिए बने सलाहकार समिति

Updated at : 02 Dec 2018 6:48 AM (IST)
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इस्पात उद्योग में जिले में एक लाख करोड़ से अधिक की राशि निवेशित, औद्योगिक विकास के लिए बने सलाहकार समिति

आसनसोल : पश्चिम बर्दवान डिस्ट्रिक चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने विभिन्न मांगों के समर्थन में बर्नपुर हाउस गेस्टहाउस में इस्पात मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह को ज्ञापन सौंपा. श्री सिंह ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. शिष्टमंडल में चेंबर अध्यक्ष वीके ढल्ल, कार्यकारी अध्यक्ष पवन गुटगुटिया तथा महासचिव जगदीश बागड़ी शामिल […]

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आसनसोल : पश्चिम बर्दवान डिस्ट्रिक चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने विभिन्न मांगों के समर्थन में बर्नपुर हाउस गेस्टहाउस में इस्पात मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह को ज्ञापन सौंपा. श्री सिंह ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.
शिष्टमंडल में चेंबर अध्यक्ष वीके ढल्ल, कार्यकारी अध्यक्ष पवन गुटगुटिया तथा महासचिव जगदीश बागड़ी शामिल थे. श्री बागड़ी ने कहा कि मंत्री श्री सिंह ने आइएसपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीइओ) अनिर्वाण दासगुप्ता को निर्देश दिया कि वे जिला चेंबर के साथ मिल कर उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर बर्नपुर-दुर्गापुर अंचल की सहायक उद्योगों के लिए ठोस योजना तैयार करें.
श्री गुटगुटिया ने मंत्री श्री सिंह को बताया कि स्लैग की बिक्री में अनियमितता होने के कारण सलाना एक सौ करोड़ रुपये का नुकसान कंपनी को उठाना पड़ता है. सीइओ श्री दासगुप्ता ने कहा कि जनवरी तक सभी अनियमितताएं दूर कर दी जायेंगी.
अध्यक्ष श्री ढल्ल ने कहा कि जिले के विभिन्न इलाकों में निजी व सरकारी इस्पात उद्योगों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि निवेश हो चुकी है. केंद्र सरकार का दायित्व है कि वह इस निवेश की सुरक्षा करे.
श्री बागड़ी ने कहा कि जिले में स्थित आइएसपी तथा डीएसपी के आधुनिकीकरण में बड़ी राशि निवेश की गई है. लेकिन इसका लाभ स्थानीय सहायक कंपनियों को नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को वर्कशॉप तथा सेमिनार आयोजित कर इसकी गारंटी करनी चाहिए कि इसका लाभ इन छोटी-छोटी कंपनियों को मिले. उन्होंने सुझाव दिया कि जिले के औद्योगिक विकास के लिए आइएसपी, डीएसपी तथा इसीएल के अधिकारियों को शामिल कर सलाहकार समिति गठित की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि मिली सूचना के अनुसार सेल प्रबंधन ने बड़ी सीमेंट कंपनी एसीसी के साथ समझौता किया है, जिसके तहत एसीसी को ढ़ाई सौ रुपये प्रति टन की दर से 44 हजार टन स्लैग की सप्लाई होगी. जबकि छोटी सीमेंट कंपनियों को 2205 रुपये प्रति टन के दर से ऑन लाइन बीडिंग करनी पड़ रही है. इससे सेल को प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. उन्होंने मांग की कि रियायती दर पर स्थानीय छोटी सीमेंट कंपनियों को स्लैग उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
श्री ढल्ल ने कहा कि पिछले दो दशकों में चेंबर के सदस्यों ने मिनी स्टील प्लांट, रौलिंग मिल, कन्टीन्यूअस कास्टिंग मिल्स आदि उद्योगों में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है. उन्हें कोल लिंकेज, बिजली अनुदान, स्क्रैप या पिग आयरन का कोई कोटा नहीं मिल रहा है. इससे यह उद्योग रुग्न होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि बर्नपुर एयर स्ट्रीप के वाणिज्यिक उपयोग की बाधाएं शीघ्र दूर की जानी चाहिए तथा अंडाल से हो रही उड़ान सेवा को बर्नपुर शिफ्ट करने की रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए.
ऐसा होने से अंडाल एरो सिटी के नीचे स्थित नेचुरल गैस के विशाल भंडार से गैस का दोहन संभव हो सकेगा. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिला पुरूलिया से आवागमन बढ़ाने के लिए दामोदर नदीं पर ब्रिज का निर्माण शीघ्र किया जाना चाहिए. दस वर्ष पहले तत्कालीन इस्पात मंत्री रामविलास पासवान ने इसके लिए सेल से 50 करोड़ रूपये की राशि आवंटित करने की घोषणा भी की थी. शिलान्यास होने के बाद भी इसका निर्माण नहीं हो सका है.
श्री बागड़ी ने कहा कि इसके बाद कोयला सह रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिल कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जायेगी ताकि औद्योगिक सलाहकार कमेटी का गठन हो सके.
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