शिक्षक भर्ती परीक्षा में देरी पर बरसे तेजस्वी, बोले-युवाओं के भविष्य का कत्ल कर रही एनडीए सरकार

Updated at : 09 Apr 2026 1:01 PM (IST)
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Bihar BPSC TRE-4 Exam 9 April 2026.

सांकेतिक तस्वीर

Bihar BPSC TRE-4 Exam: शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर किया. एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि TRE-4 में हो रही देरी लाखों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है और सरकार को तुरंत वैकेंसी जारी करनी चाहिए.

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Bihar BPSC TRE-4 Exam: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में हो रही देरी को लेकर बिहार सरकार पर हमला बोला है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार जानबूझकर वैकेंसी में देरी कर रही है, जो लाखों युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कुर्सी की अदला-बदली के खेल में बिहार के नौजवानों के हक का कत्ल करना बंद किया जाए.

तेजस्वी ने गिनाए अपनी सरकार के रिकॉर्ड

तेजस्वी यादव ने अपने कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि महागठबंधन सरकार के 17 महीनों में उन्होंने शिक्षा विभाग को युद्ध स्तर पर चलाया. उन्होंने दावा किया कि बिना किसी पेपर लीक और पूरी पारदर्शिता के साथ TRE-1 और TRE-2 के अंतर्गत रिकॉर्ड 2,20,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए.

तेजस्वी का कहना है कि उनके सरकार से हटते ही TRE-3 पेपर लीक की भेंट चढ़ गया और अब TRE-4 का तो अता-पता ही नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब अगस्त 2024 में ही परीक्षा होनी थी, तो अब तक विज्ञापन क्यों नहीं निकला?

उम्र निकल रही है और धैर्य जवाब दे रहा

शिक्षक अभ्यर्थियों की चिंताओं को स्वर देते हुए तेजस्वी ने कहा कि बार-बार परीक्षा टलने से कई युवाओं की आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा खत्म हो रही है. उन्होंने कहा कि हर युवा नौकरी पाकर अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाना चाहता है, लेकिन डबल इंजन की सरकार बहानेबाजी में जुटी है.

तेजस्वी ने एनडीए सरकार से अपील की है कि राजनीति को किनारे रखकर अविलंब TRE-4 की वैकेंसी जारी की जाए, क्योंकि यह लाखों परिवारों की उम्मीदों का सवाल है.

चुनावी वादे और धरातल की हकीकत

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद बनी नई सरकार के लिए शिक्षक भर्ती अब एक बड़ा सिरदर्द बनती जा रही है. एक तरफ जहां विपक्ष इसे ‘झूठे आसमानी वादे’ करार दे रहा है,दूसरी तरफ लाखों अभ्यर्थी सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं.

तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द ही नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ सड़क से सदन तक बड़ा मोर्चा खोलेंगे.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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