हाजी मोहम्मद फरीद आलम हत्याकांड : हत्या में शामिल गैंग का सदस्य संतोष चौधरी गिरफ्तार, 14 दिन की पुलिस रिमांड

Updated at : 08 Sep 2018 12:52 AM (IST)
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हाजी मोहम्मद फरीद आलम हत्याकांड : हत्या में शामिल गैंग का सदस्य संतोष चौधरी गिरफ्तार, 14 दिन की पुलिस रिमांड

आसनसोल : हीरापुर थाना कांड संख्या 226/2018 हाजी मोहम्मद फरीद आलम हत्याकांड के 48 घंटे के अंदर हीरापुर थाना पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुये गुरूवार रात को कुल्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत एमएफ 17 सेल के आवास से मामले में संतोष चौधरी (34) को गिरफ्तार किया है. प्राथमिक पूछताछ में संतोष ने कांड में अपनी […]

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आसनसोल : हीरापुर थाना कांड संख्या 226/2018 हाजी मोहम्मद फरीद आलम हत्याकांड के 48 घंटे के अंदर हीरापुर थाना पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुये गुरूवार रात को कुल्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत एमएफ 17 सेल के आवास से मामले में संतोष चौधरी (34) को गिरफ्तार किया है. प्राथमिक पूछताछ में संतोष ने कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. कांड को अंजाम देने में अपने अन्य दो सहयोगी बर्नपुर शांतिनगर निवासी महेश शर्मा और जनकपुरा बराकर निवासी नवीन सिंह की संलिप्तता भी स्वीकारी है.
पुलिस ने संतोष के घर मे छापामारी कर एक एंड्रायड मोबाइल और एक कीपैड मोबाइल के साथ तीन सिम कार्ड भी बरामद किये. संतोष को पुलिस ने शुक्रवार को आसनसोल अदालत में पेश किया और हत्या में उपयोग किये गये हथियार, वाहन तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का हवाला देकर 14 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की.
अदालत ने पुलिस की मांग मंजूर कर आरोपी को 14 दिन की रिमांड पर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीना ने बताया कि इन लोगों ने किसी और के कहने पर हत्या की है. हत्या के मास्टर माइंड के साथ सारे आरोपियों को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की छापेमारी जारी है.
तत्काल होगी गिरफ्तारी
कांड में शामिल अन्य दो आरोपी नवीन सिंह और महेश शर्मा की गिरफ्तारी के लिये पुलिस ने शुक्रवार को बराकर में नवीन के घर और बर्नपुर शांतिनगर में महेश के घरों पर छापेमारी की. पुलिस को उम्मीद है कि शुक्रवार रात तक इन दो आरोपियों में से एक को पुलिस जरूर पकड़ लेगी.
इम्प्रोवाइस्ड पिस्टल का हुआ उपयोग
हाजी फरीद आलम हत्याकांड में अपराधियों ने 7.62 बोर की इम्प्रोवाइज्ड पिस्टल का उपयोग किया था. पुलिस की प्राथमिक जांच में यह खुलासा हुआ. घटनास्थल से बरामद मिस्ड फायर गोली और खाली खोखे को बैलेस्टिक जांच के लिए पुलिस भेजेगी.
पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी
संतोष की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कांड के जुड़े सारे साक्ष्यों को जुटाने में लग गयी है. कांड में उपयोग हुए हथियार, वाहन सहित अन्य सभी साक्ष्यों को जुटाकर मामले को पुख्ता करने का कार्य आरंभ किया गया है. कांड में लिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस क्रॉस जांच करेगी और रिकन्सट्रक्शन ऑफ क्राइम भी करेगी.
120 बी जुड़ेगा क्या
हाजी फरीद आलम हत्याकांड में सुजीत सिंह की शिकायत के आधार पर हीरापुर थाना कांड संख्या 226/18 में आइपीसी की धारा 302 और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. कांड में संतोष की गिरफ्तारी के बाद नया खुलासा हुआ. इसमें यह सामने आया कि उन लोगों ने किसी के कहने पर हत्याकांड को अंजाम दिया है. पुलिस आयुक्त श्री मीना ने कहा कि मामले साजिशकर्ता का खुलासा होने से कांड में आइपीसी की धारा 120बी भी जोड़ा जायेगा.
तीन से अधिक आरोपियों के होने की संभावना
संतोष की गिरफ्तारी के बाद अदालत से पुलिस कस्टडी में आने के बाद ही हीरापुर थाने में एडीसीपी (वेस्ट) अनामित्रा दास, एसीपी (वेस्ट) एस चंद्र, हीरापुर के सीआई अविजित चटर्जी, थाना प्रभारी राजशेखर मुखर्जी, कांड के जांच अधिकारी अलोकेश बनर्जी सभी उससे पूछताछ करने में जुटे रहे. पुलिस सूत्रों के अनुसार कांड में तीन से अधिक अपराधी के शामिल होने की संभावना है.
नवीन पर डकैती और हत्या के प्रयास के मामले
बराकर निवासी नवीन सिंह पर डकैती, डकैती की योजना बनाने, हत्या की प्रयास करने, जाली नोट का कारोबार करने सहित अन्य मामले भी दर्ज हैं. महेश पर वर्ष 2014 में धर्मपुर इलाके में बमबाजी करने व गोली चलाने, हत्या का प्रयास करने का मामला पहले से ही दर्ज है. धर्मपुर बमबाजी कांड में पुलिस ने महेश के सहयोगी रिजवान को गिरफ्तार किया था और उसके पास से हथियार और बम भी बरामद किये थे जबकि महेश फरार और उसका साथी तसलीम फरार हो गया. तसलीम के घरवालों ने अदालत में उसके अपहरण का मामला दर्ज कराया था. इसकी जांच चल रही है.
मोबाइल टॉवर लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार पिछले दो दिनों से दर्जनों मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिपोर्ट (सीडीआर) निकाली गयी थी. इसमें मंगलवार को कांड के समय तीन मोबाइल के टॉवर लोकेशन बर्नपुर भारती भवन इलाके के पाये गये. इसमें संतोष, महेश और नवीन का मोबाइल फोन शामिल था. तीनों का टॉवर लोकेशन एक ही जगह था. इसके आधार पर ही संतोष को गिरफ्तार किया गया और उसने कांड में अपनी संलिप्ता स्वीकार की. पूछताछ में उसने कांड में शामिल अपने दो सहयोगियों नवीन और महेश के भी नाम बताएं. मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद कर लिया गया है.
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