मेडिकेयर स्कीम का लाभ दिलाने में लेटलतीफी, सेवानिवृत कर्मचारियों में नाराजगी

Updated at : 08 Sep 2018 12:45 AM (IST)
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मेडिकेयर स्कीम का लाभ दिलाने में लेटलतीफी, सेवानिवृत कर्मचारियों में नाराजगी

सांकतोड़िया : कोयला कंपनियों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेहतर मेडिकल सुविधा देने को समझौते के मुताबिक पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकेयर स्कीम संचालन के लिये अब तक बोर्ड का गठन नहीं हो पाया है. ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नयी स्कीम के तहत सुविधा नहीं मिल रही. इससे उनमें नाराजगी है. भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश सचिव […]

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सांकतोड़िया : कोयला कंपनियों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेहतर मेडिकल सुविधा देने को समझौते के मुताबिक पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकेयर स्कीम संचालन के लिये अब तक बोर्ड का गठन नहीं हो पाया है. ऐसे में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नयी स्कीम के तहत सुविधा नहीं मिल रही. इससे उनमें नाराजगी है.
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश सचिव जयनाथ चौबे ने कहा कि कोयला कंपनियों के कर्मचारियों के लिये प्रबंधन ने पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकेयर योजना बनायी है. इसके लिए जरूरी मद में 40 हजार रूपये कोयला कर्मी व 18 हजार प्रबंधन की ओर से जमा करने पर समझौता किया गया है. स्कीम से जुड़े कामगारों को सूचीबद्ध बीमारियों के दायरे में इलाज के लिये गंभीर स्थिति में भी असीमित राशि खर्च की जायेगी जबकि आठ लाख तक मेडिकल सुविधा भी रिटायर्ड कर्मियों को मिलती रहेगी.
वर्तमान में कार्यरत कर्मियों को इस मद में किश्त अथवा एकमुश्त राशि जमा करने की सुविधा दी गई है. प्रबंधन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस स्कीम के तहत अब तक कितने सदस्य बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि कोल कंपनी के सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए योजना बनी है. लेकिन अब तक हुई बैठकों में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. सामान्य बीमारी में आठ लाख तक खर्च कंपनी करेगी जबकि पहले यह पांच लाख रूपये खर्च करने का प्रावधान था.
श्री चौबे ने कहा कि मेडिक्लेम सदस्य बनाने की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गयी है ताकि कोई भी कर्मचारी इस सुविधा से वंचित ना रह जाये. पहले यह तय किया गया था कि अधिसूचना जारी होने के छह माह के भीतर कर्मचारी इसके सदस्य बन सकेंगे. 31 मार्च 2018 तक तिथि निर्धारित थी. अब कर्मचारी 31 दिसंबर तक इसके सदस्य बन सकेंगे.
सामान्य बीमारी में आठ लाख तक खर्च किये जायेंगे. पहले यह पांच लाख था. पति-पत्नी स्कीम से लाभान्वित होंगे. एक दिव्यांग बच्चे के लिये भी ढाई लाख रूपबये तक इलाज की सुविधा होगी. हृदय संबंधी बीमारी, कैंसर, रिनल फेलियोर से संबंधित समस्याएं, दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल, दिमागी बुखार, कूल्हा व घुटना प्रत्यारोपण व एड्स को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है. आधार कार्ड के माध्यम से स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा ताकि कहीं भी इलाज कराया जा सके. सालभर में पति-पत्नी दवा खरीद के लिये 25 हजार तक रीइंबर्समेंट भी करा सकेंगे.
उन्होंने कहा कि मेडिकेयर स्कीम का लाभ दिलाने में हो रही लेटलतीफी को लेकर कर्मियों का कहना है कि प्रबंधन मेडिकेयर स्कीम के नाम पर कर्मियों के खाते से राशि की कटौती में आगे है. एरियर्स तक से राशि काटने में प्रबंधन पीछे नहीं है. लेकिन सुविधा देने में अनावश्यक लेट लतीफी हो रही है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन के साथ नयी मेडिकेयर स्कीम पर समझौता हुआ है. इसमें इलाज के लिये राशि आठ लाख तक हो गई है. लेकिन अब तक इसका लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ. हमारी मांग है कि कर्मचारी हित में इसका लाभ जल्द दिलाया जाये.
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