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मोटर व्हीकल कानून में बदलाव के खिलाफ बस हड़ताल

Updated at : 08 Aug 2018 12:11 AM (IST)
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मोटर व्हीकल कानून में बदलाव के खिलाफ बस हड़ताल

पानागढ़ : मोटर व्हीकल कानून में बदलाव किये जाने के खिलाफ सीटू समेत विभिन्न यूनियनों ने बस हड़ताल कर विरोध जताया. यात्री बसे नहीं चलने के कारण दैनिक तथा साधारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. पश्चिम बर्दवान के पानागढ़ बाजार में सुबह से ही यात्रियों की भीड़ बस स्टैंड पर देखी गयी. […]

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पानागढ़ : मोटर व्हीकल कानून में बदलाव किये जाने के खिलाफ सीटू समेत विभिन्न यूनियनों ने बस हड़ताल कर विरोध जताया. यात्री बसे नहीं चलने के कारण दैनिक तथा साधारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. पश्चिम बर्दवान के पानागढ़ बाजार में सुबह से ही यात्रियों की भीड़ बस स्टैंड पर देखी गयी. बसों के बहुत कम चलने के कारण यात्रियों को काफी असुविधा का सामनाकरना पड़ा.
स्थानीय लोगों ने यात्रियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुये विभिन्न टूरिस्ट बसों, स्कूल बसों आदि से दुर्गापुर, मोचीपाड़ा तक भेजा. पूर्व बर्दवान जिले के नवाबहाट तथा अलीशा बस स्टैंड से यात्री बसें बहुत ही कम संख्या में खुली. दोनों बस स्टैंड से कुल 855 बसें प्रतिदिन आवागमन करती हैं. महज 20 फीसदी बसे ही सड़कों पर दौड़ी.
यूनियन नेता ने कहा कि केंद्र कि व्हीकल कानून में संशोधन के प्रतिवाद में ही बस हड़ताल की गयी है. यात्री राखी पाल ने बताया कि करीब एक घंटे से वह पानागढ़ बस स्टैंड पर खड़ी है. लेकिन बसें नहीं चल रही हैं.
इक्का-दुक्का बसें आ भी रही हैं तो भारी भीड़ होने के कारण चढ़ना संभव नहीं हो पा रहा है. उनके पति दुर्गापुर में अस्पताल में भर्ती हैं. लेकिन बसें नहीं चलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यात्री मलय ने बताया कि वृद्ध मां को डॉक्टर के पास दिखाने के लिए दुर्गापुर ले जाना था. लेकिन बसों के नही चलने अथवा इक्का-दुक्का बसों में ज्यादा भीड़ होने से उठना मुश्किल हो गया है.
वीरभूम जिले में भी सीटू आहूत हड़ताल को लेकर बसों का आवागमन कम ही रहा. रामपुरहाट, सिउड़ी तथा बोलपुर आदि इलाकों में बसें ना के बराबर चली. इक्का-दुक्का बसों के चलने से यात्रियों को काफी संख्या परेशान होते देखा गया। दैनिक यात्रियों समेत साधारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
लोकसभा में पारित हो चुका है विधेयक
मोटर व्हीकल संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और अब इसे राज्यसभा की मंजूरी मिलनी बाकी है. इस विधेयक में प्रस्ताव किया गया है कि प्राइवेट प्लेयर्स भी सरकारी ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में आ सकते हैं. साथ ही राज्य सरकारों के कुछ अधिकार केंद्र सरकार के पास आ जाएंगे.
परीक्षा में शामिल नहीं हो पाये छात्र-छात्राएं
एकदिनी हड़ताल से साधारण लोगो के साथ-साथ स्कूली बच्चों एवं कॉलेज के छात्र-छात्राएं परेशान रहे. उल्लेखनीय है कि शहर के कॉलेजों में दूसरा व चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा चल रही है. बस हड़ताल से कर्ई छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्र में देर से पहुंचे. कर्ई छात्र-छात्राएं तो पहुंच ही नहीं पायें. विषय को लेकर तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद ने दुर्गापुर महकमा शासक श्रीकांत पाली को लिखित पत्र देकर मांग की है कि जो छात्र-छात्राएं परीक्षा में नहीं बैठ पाये, उनके लिये अलग एक तिथि देकर परीक्षा की व्यवस्था की जाये. यह उनके भविष्य का सवाल है. तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद के नेता राहुल राय ने बताया कि दूरदराज के लोगों को बस हड़ताल के कारण परेशानी उठानी पड़ी.
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