नरबलि कांड : पुलिस संरक्षण में रहे बच्चे अभिभावकों को सौंपे गये

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पुलिस टीम पर हमला करनेवाले 45 उपद्रवियों को कोर्ट ने भेजा जेल ग्रामीणों में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता कैंप लगायेगा प्रशासन ग्रामीणों में फैली थी अफवाह, विज्ञान मंच भी चलायेगा जागरूकता अभियान पानागढ़. कालना महकमी के नारकेलडांगा में नरबलि से बचाये गये आठ शिशुओं को पुलिस ने उनके परिजनों को सौंप दिया. हालांकि आदिवासी समाज […]

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पुलिस टीम पर हमला करनेवाले 45 उपद्रवियों को कोर्ट ने भेजा जेल
ग्रामीणों में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता कैंप लगायेगा प्रशासन
ग्रामीणों में फैली थी अफवाह, विज्ञान मंच भी चलायेगा जागरूकता अभियान
पानागढ़. कालना महकमी के नारकेलडांगा में नरबलि से बचाये गये आठ शिशुओं को पुलिस ने उनके परिजनों को सौंप दिया. हालांकि आदिवासी समाज के लोगों का दावा है कि श्मशान घाट में हुआ आयोजन नरबलि के लिए नहीं था तथा पुलिस के स्तर से उटाये गये बच्चे उनके ही थे, जो अनुष्ठान में शामिल होने आये थे.
इधर जिला पुलिस और जिला प्रशासन के साथ-साथ विज्ञान मंच ने अंधविश्वास के खिलाफ सचेतनता और जागरूकता शिविर लगाने का निर्णय लिया है. शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को सचेत किया जायेगा. सनद रहे कि गांव के श्मशान घाट में आदिवासी समाज से जुड़े तांत्रिक सन्यासी सोरेन ने तंत्र-मंत्र से संबंधित अनुष्ठान आयोजित किया था. इसमें विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में आदिवासी तथा तांत्रिक के अनुयायी शामिल हुए थे. इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे. यह अनुष्ठान पहली बार आयोजित हो रहा था. स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया कि इस अनुष्ठान में आठ बच्चों की नरबलि दी जायेगी. सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की. पुलिस टीम ने अनुष्ठान बंद करने को कहा. जिसका तांत्रिक व उसके अनुयायियों ने विरोध किया.
पुलिस अधिकारियों ने उसे बंद करा आठ बच्चों को अपनी गाड़ी में उठा लिया तथा उन्हें थाना ले आये. इससे उत्तेजित अनुयायियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया.
पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया तथा आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गये. संख्या कम होने के कारण पुलिस बल पीचे हट गया. बाद में अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया तथा इलाके में सघन छापेमारी अभियान चला कर 45 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें तांत्रिक सन्यासी सोरेन भी शामिल था. पुलिस ने सभी को कालना महकमा कोर्ट में पेश किया. एसीजेएम कोर्ट ने सबकी जमानत खारिज कर उन्हें न्यायिक हिरासत मं जेल भेज दिया. इलाके में सघन पुलिस गश्ती शुरू की गयी.
इधर पुलिस संरक्षण में लिए गये सभी आठ बच्चों को जांच के बाद उनके गाजिर्यनों को सौंप दिया गया. गाजिर्यनों ने कहा कि बच्चे उक्त अनुष्ठान में शामिल होने आये थे. उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी कि उनकी बलि दी जानेवाली है. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आवश्यक निर्देश दिये.
ग्रामीणों के बीत फैले अंधविश्वास को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता शिविर लगाने का निर्णयलिया है.इधर विज्ञान मंच ने भी अपने स्तर से इस दिशा में पहल की है. मंच की राज्य सचिव मंडली के सदस्य आशुतोष पाल ने बताया कि कालना महकमा के विभिन्न गांवों में विगत डेढ़ वर्षो से अंधविश्वास को लेकर अफवाह चरम पर है. पूजा अर्चना करने गये आदिवासियों को नरबलि का नाम देकर कुछ लोगों ने ग्रामीणों में अफवाह फैला दी. पुलिस समेत उन आदिवासियों पर भी हमला किया गया.
कालना महकमा पुलिस अधिकारी (एसडीपीआ)े प्रियव्रत राय ने कहा कि अफवाह फैलाने वाले तत्वों की शिनाख्त कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. अफवाहों को लेकर ग्रामीणों में जागरूकता और सचेतनता शिविर लगाया जायेगा.
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