गोरखधंधा : अंधविश्वास के दम पर कमा रहे दाम
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Feb 2017 7:50 AM
कोलकाता: 21वीं सदी में भी लोगों के मन में अंधविश्वास कायम है. इसकी एक बानगी नीमतल्ला श्मशान घाट पर देखने को मिल रही है. यहां सड़क पर डाला लगा कर कर बैठने वाले कुछ लोग दावा करते हैं कि उनके पास एक ऐसा मैजिकल धुआं है, जिससे दांत के कीड़े निकल जाते हैं, जबकि मेडिकल […]
उनका दावा है कि धुंआ करते ही दांत में लगे कीड़े नीचे गिरने लगते हैं. उस कीड़े को मरीज को भी दिखाया जाता है. कीड़ा निकालने के बाद करीब पांच दिन के भीतर मरीज स्वस्थ हो जाता है. इन पांच दिनों में मरीज को मीठा भोजन से दूर रहने की सलाह दी जाती है. शंभु के अनुसार धुंआ से दांत झाड़ने के लिए 30 से 40 रुपये मरीज को खर्च करने पड़ते हैं. वहीं झाड़ने के बाद मरीज को अलग से दवा के लिए 40 रुपये खर्च करने पड़ते हैं. शंभु का दावा है कि आयुर्वेदिक दवा मरीज को दी जाती है. उसने कहा कि दांत दर्द के लिए झाड़ फूंक किया जाता है.
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