गुमला-लोहरदगा को बड़ी सौगात, 291 KM नई लाइन मंजूर, सांसद सुखदेव भगत के प्रयास लाए रंग
Published by : Sameer Oraon Updated At : 14 Jun 2026 4:16 PM
लोहरदगा-गुमला से धरमजयगढ़ तक रेल लाइन को मंजूरी
Lohardaga Gumla Rail line: लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत के प्रयासों से लोहरदगा-गुमला-पत्थलगांव-धरमजयगढ़ 291.881 किमी नई रेलवे लाइन परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है. जानें रूट और नए स्टेशनों की पूरी डिटेल्स.
लोहरदगा से गोपी कृष्ण कुंवर की रिपोर्ट
Lohardaga Gumla Rail line, लोहरदगा : दक्षिणी झारखंड के विकास इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है. वर्षों से डायरेक्ट रेल लाइन की प्रतीक्षा कर रहे गुमला, लोहरदगा, जशपुर और आसपास के लाखों लोगों का सपना अब साकार होने की ओर बढ़ चुका है. लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत के सतत प्रयासों, संसद में उठाई गई मुखर आवाज और रेल मंत्रालय के समक्ष लगातार की गई मजबूत पैरवी के परिणाम स्वरूप लोहरदगा से गुमला होते हुए छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ तक नई रेलवे लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र सरकार ने अधिसूचित कर दिया है. रेल मंत्रालय के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने केंद्रीय सरकार रेल मंत्रालय अधिनियम 1889 की धारा 2 खंड 37 क द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक उद्देश्य में राष्ट्रीय अवसंरचना उपलब्ध कराने हेतु झारखंड एवं छत्तीसगढ़ राज्यों को जोड़ने वाली इस योजना पर मुहर लगाई है. कुल 291.881 किलोमीटर लंबी यह नई रेलवे लाइन परियोजना केवल एक रेल ट्रैक नहीं है, बल्कि झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक उत्थान की मजबूत आधारशिला साबित होगी. गुमला और लोहरदगा के नागरिकों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सांसद सुखदेव भगत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास का असली टर्निंग पॉइंट बताया है.
सांसद ने संसद में दो बार उठाई थी मांग
सांसद सुखदेव भगत ने अपने कार्यकाल के दौरान इस परियोजना को शीर्ष प्राथमिकता दी थी. उन्होंने दो बार संसद के पटल पर गुमला को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया था. अपनी पैरवी के दौरान उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री को अवगत कराया था कि यह गुमला जिला लांस नायक परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की जन्मस्थली है. इसके साथ ही यह क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से बेहद समृद्ध है, जहां भगवान हनुमान का जन्म स्थान आंजन धाम, आदिवासियों का पवित्र धार्मिक स्थल सीरा सीता नाला और भगवान शिव का प्राचीन धाम टांगीनाथ स्थित है. इन धरोहरों को देश के मानचित्र पर लाने के लिए रेल संपर्क अनिवार्य था. उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर गुमला को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की अंतिम रूप से मांग रखी थी, जिसके निरंतर प्रयासों का ही सुखद परिणाम है कि अब यह बहुप्रतीक्षित परियोजना धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है.
लोहरदगा पत्थलगांव होते हुए धरमजयगढ़ तक बिछेगा ट्रैक
रेल मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक ब्लूप्रिंट के अनुसार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच प्रस्तावित इस नए रेल मार्ग पर कई महत्वपूर्ण स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा. झारखंड के हिस्से में यह रेल लाइन लोहरदगा से शुरू होकर सेन्हा, घाघरा, टोटो, गुमला, और रायडीह के पोगरा क्षेत्र से गुजरेगी, जहां नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे. इसके आगे छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करते हुए लोदाम और जशपुर के अलावा इस पूरे मार्ग पर कई अन्य नए रेलवे स्टेशन स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है. इस रणनीतिक मार्ग के तैयार होने से दोनों राज्यों के सुदूरवर्ती और कटी हुई ग्रामीण आबादी को सीधे देश की मुख्यधारा से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर परिवहन का ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा.
व्यापार, रोजगार और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
इस नई रेलवे लाइन के चालू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कोलकाता और रांची सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक यात्रा करने के लिए पड़ोसी जिलों में जाकर ट्रेन पकड़ने की मजबूरी से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी. आर्थिक मोर्चे पर यह लाइन कृषि प्रधान और खनिज संपदा से समृद्ध इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी. स्थानीय किसान अपनी कृषि उपज और सब्जियां बिना समय गंवाए देश के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे, जिससे बिचौलियों का अंत होगा और व्यापार को नई गति मिलेगी. इसके अलावा, बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इस पिछड़े बेल्ट में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी. रेल सेवा शुरू होने से पर्यटन, होटल, लोकल परिवहन, ढाबा और सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) में हजारों नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जो स्थानीय युवाओं के पलायन को रोकने में भी मददगार साबित होंगे.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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