अब क्षेत्रों पर कब्जे की फिराक में आतंकी

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कोलकाता/नयी दिल्ली: पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने सोमवार को कहा कि पिछले दो साल के दौरान आतंकी घटनाओं में कमी से यह मानना कि आतंकवाद को प्रभावशाली ढंग से रोक लिया गया है, गंभीर चूक होगी. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन ने कहा कि शायद दुनिया भर में आतंकवाद के इतिहास में […]

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कोलकाता/नयी दिल्ली: पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने सोमवार को कहा कि पिछले दो साल के दौरान आतंकी घटनाओं में कमी से यह मानना कि आतंकवाद को प्रभावशाली ढंग से रोक लिया गया है, गंभीर चूक होगी. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन ने कहा कि शायद दुनिया भर में आतंकवाद के इतिहास में पहली बार आतंकवादी नेटवर्क इस समय उंचे या आसान लक्ष्यों पर हमला करने की बजाय अब क्षेत्रों पर कब्जे की फिराक में हैं.

उन्होंने कहा कि कई नये आतंकवादी संगठन अब तक अज्ञात रहे तरीकों और तकनीकों पर प्रयोग कर रहे हैं और इनमें से कुछ तकनीक उभर कर सामने आयी हैं. श्री नारायणन ने कहा कि लश्कर ए तोयबा द्वारा भारत में नियंत्रित एक दर्जन या अधिक नेटवर्क में सबसे महत्वपूर्ण इंडियन मुजाहिदीन है और इसमें मुख्य रूप से मुसलिम युवा शामिल हैं. उन्हें कराची जाने को कहा जाता है और फिर प्रशिक्षण के लिए पाक-अफगान सीमा या पाक अधिकृत कश्मीर भेज दिया जाता है.

उन्होंने कहा कि कराची प्रोजेक्ट के तहत कई माड्यूल पैदा हुए, जो देश के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिले. इन माड्यूलों ने कई आतंकवादी हमले किये. श्री नारायणन ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) दिवस के मौके पर पहला विनोद राजू स्मृति व्याख्यान देते हुए मुंबई हमलों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह हमला पूरी तरह लश्कर ने कराया. इसका समर्थन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने किया. हमले की वास्तविक निगरानी एवं नियंत्रण लश्कर के आकाओं ने किया, जिनमें जकी उर रहमान लखवी, अबू हमजा, यूसुफ उर्फ मुजम्मिल शामिल रहे.

श्री नारायणन ने कहा कि पाकिस्तान में बैठे आकाओं ने हमले की साजिश लश्कर के साजिद मीर के निर्देश पर गढ़ी. मीर लश्कर प्रमुख हाफिज सईद का सहायक है. उन्होंने कहा कि इनमें से हर संगठन प्रौद्योगिकी अधिग्रहण पर धन खर्च करता है और ऐसे तौर तरीके अपनाने की कोशिश करता है, जिनसे अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से विस्फोट किया जा सके. श्री नारायणन ने कहा कि इनमें से कुछ आतंकी संगठन परमाणु उपकरण हासिल करने की फिराक में हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में आतंकवाद के इतिहास में संभवत: पहली बार आतंकवादी नेटवर्क क्षेत्रों पर कब्जे की फिराक में हैं.

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