20 वर्षो के बाद मिली व्हील चेयर से मुक्ति
कोलकाता: 20 वर्षो तक व्हील चेयर पर आश्रित रहने के बाद अंतत: सुनीता झवर को व्हील चेयर से मुक्ति मिली. यह संभव रवींद्रनाथ टैगोर इंटरनेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ कार्डियेक साइंसेस (आरटीआइआइसीएस) के डॉक्टरों के प्रयास से संभव हो पाया. मंगलवार को अस्पताल के ऑर्थोपेडिक कंसल्टेंट डॉ. सूर्य उदय सिंह तथा फैसिलिटी डायरेक्टर आर वेंकटेश ने संवाददाता […]
कोलकाता: 20 वर्षो तक व्हील चेयर पर आश्रित रहने के बाद अंतत: सुनीता झवर को व्हील चेयर से मुक्ति मिली. यह संभव रवींद्रनाथ टैगोर इंटरनेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ कार्डियेक साइंसेस (आरटीआइआइसीएस) के डॉक्टरों के प्रयास से संभव हो पाया.
मंगलवार को अस्पताल के ऑर्थोपेडिक कंसल्टेंट डॉ. सूर्य उदय सिंह तथा फैसिलिटी डायरेक्टर आर वेंकटेश ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सुनीता झवर के परिवार के सहयोग से ही यह संभव हो पाया है तथा अस्पताल की ओर से इसके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी गयी. 48 वर्षीय सुनीता झवर जन्म से सामान्य ही थी. 1984 में उनकी शादी 20 वर्ष की आयु में हुई तथा उस समय से मल्टीपल ज्वाइंट में दर्द की शिकायत होने लगी.
इस बीच दो बच्चों को जन्म दिया तथा एलोपैथी से लेकर आयुर्वेद तक की इलाज की, लेकिन दर्द के कारण वह एक कदम आगे नहीं बढ़ पाती थी. अंतत: विवश होकर 1995 में उन्हें व्हील चेयर का आश्रय लेना पड़ा. डॉ. सूर्य उदय सिंह के नेतृत्व में अस्पताल के डॉक्टरों ने दोनों घुटनों का बाइलेट्रल ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सजर्री किया और अब खुद ही वह चल पा रही हैं तथा बहुत ही खुश हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










