महिला चिकित्सक से बदसलूकी, धरने पर बैठे जूनियर डॉक्टर

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कोलकाता: पार्क सर्कस स्थित कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के जूनियर महिला चिकित्सक के साथ हुए बदसलूकी के बाद अस्पताल के अन्य जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन व धरना दिया, जिससे अस्पताल के विभिन्न वार्डो में भरती मरीज को परेशानी का सामना करना पड़ा. बाद में शाम के करीब 5.30 बजे […]

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कोलकाता: पार्क सर्कस स्थित कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के जूनियर महिला चिकित्सक के साथ हुए बदसलूकी के बाद अस्पताल के अन्य जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन व धरना दिया, जिससे अस्पताल के विभिन्न वार्डो में भरती मरीज को परेशानी का सामना करना पड़ा. बाद में शाम के करीब 5.30 बजे जूनियर डॉक्टरों ने धरना वापस लिया. अस्पताल के जूनियर डॉक्टर शौकत विश्वास ने बताया कि शनिवार देर रात करीब 1.30 बजे अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग आपातकालीन ओटी में कार्यरत एक महिला जूनियर डॉक्टर के साथ बदसलूकी की गयी.

पांच छह स्थानीय लोग अपने मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे थे. वह अस्पताल के उक्त विभाग में कार्यरत एक महिला जूनियर चिकित्सक से कुछ पूछा. इसके बाद चिकित्सक द्वारा जवाब न मिलने पर मरीज के परिजन उसके साथ बदसलूकी करने लगे. पहले उन लोगों ने महिला चिकित्सक को गालियां दी. इसके बाद उसे पीटने और उसके साथ दुष्कर्म करने की भी धमकी दी. इस पर चिकित्सक भयभीत हो गयी.

उसके भय और लज्जा के कारण रविवार सुबह तक अपने अन्य सहपाठी के साथ इस घटना की चर्चा तक नहीं कि थी. बाद में रविवार रात में उसने इस घटना के विषय में अपने किसी सहपाठी को बताया. इस पर सोमवार सुबह अस्पताल के करीब 150 जूनियर चिकित्सक करीब 9.30 बजे से अस्पताल के समस्त कार्य को ठप कर विरोध प्रदर्शन व धरना देना शुरू किया. इस बीच इसकी सूचना अस्पताल के प्रिंसिपल व डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन (डीएमइ) सुशांत बंद्योपाध्याय गयी. उधर, इस घटना को लेकर छात्रों ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पुलिस फारी के ओसी के साथ मुलाकात की.

छात्रों ने इस घटना को लेकर आपस में दो बार बैठक भी की. छात्र अस्पताल में कार्य करने वाले चिकित्सकों के सुरक्षा मुहैया करवाने की बात पर अड़े हुए थे. जूनियर डॉक्टरों ने इस संबंध में पुलिस फारी में लिखित रूप से शिकायत भी दर्ज करवायी है. वहीं इस इस घटना को लेकर जूनियर चिकित्सक मंगलवार को अस्पताल अधीक्षक के साथ बैठक करने की जानकारी दी है. उधर, अस्पताल के कुछ विभागों में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाये जाने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने धरना वापस लिया. बताया यह भी जा रहा है कि धरना दे रहे चिकित्सकों को काम पर न लौटते देख डीएमइ ने उन्हें तुरंत काम पर लौटने का निर्देश दिये थे. काम पर न लौटने वाले डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद कर देने की भी धमकी दी गयी थी. इसके बाद धरना दे रहे जूनियर चिकित्सक काम पर लौटे.

इस विभागों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग : धरना दे रहे चिकित्सकों ने अस्पताल के नेत्र विभाग, गायनो, आर्थोपेडिक व आपातकालीन विभाग में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. इस बीच अस्पताल के कुछ विभाग में पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है.इनमें महिला व पुरुष पुलिस कर्मी शामिल है.

क्या कहते हैं अधीक्षक : इस संबंध में अस्पताल के अधीक्षक प्रोफेसर पार्थ प्रतीम प्रधान ने बताया कि उन्हें जूनियर चिकित्सकों की ओर से इस घटना को लेकर किसी प्रकार की लिखित शिकायत नहीं मिली. शिकायत मिलने पर वह इसकी जांच करेंगे. उन्होंने बताया चिकित्सकों के इस धरना के वजह से अस्पताल के काम काज पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ा.

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