संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

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मालदा: सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार रात मालदा के रतुआ थाने के सामसी ग्राम पंचायत अंतर्गत रांगामाटी गांव से आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से कथित संबंध रखने के आरोप में संदिग्ध आतंकी अबु बकर को गिरफ्तार किया. हाल में गिरफ्तार लश्कर के संदिग्ध लिंकमैन मोहम्मद अलाउद्दीन से पूछताछ के बाद उत्तर दिनाजपुर पुलिस और सीआइडी ने अबु […]

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मालदा: सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार रात मालदा के रतुआ थाने के सामसी ग्राम पंचायत अंतर्गत रांगामाटी गांव से आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से कथित संबंध रखने के आरोप में संदिग्ध आतंकी अबु बकर को गिरफ्तार किया. हाल में गिरफ्तार लश्कर के संदिग्ध लिंकमैन मोहम्मद अलाउद्दीन से पूछताछ के बाद उत्तर दिनाजपुर पुलिस और सीआइडी ने अबु बकर को उसके घर पर छापामारी कर दबोचा.

कौन है अबु बकर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अबु सामसी ग्राम पंचायत के रतनपुर हाट इलाके के नजरूल सरणी में एक साइबर कैफे चलाता था. दुकान के साथ ही उसका घर है. वह शादीशुदा है. उसके दो बच्चे हैं. अबु की पत्नी व बच्चे अबु की मां के पास रहते हैं. अबु बकर बांग्लादेश का रहनेवाला है. पिता की दूसरी शादी के बाद वह अपनी मां को लेकर भारत चला आया. चार साल पहले बनारस से उसने अंगरेजी में ऑनर्स के साथ स्नातक की डिगरी ली. मालदा के रांगामाटी में कुछ महीने गुजारने के बाद उसने यहां से 10 किलोमीटर दूर सामसी बाजार में दुकान व घर खरीदा.

पुलिस का कहना है कि हाल में गिरफ्तार लश्कर के लिंकमैन मोहम्मद अलाउद्दीन ने पूछताछ में अबु बकर का नाम लिया था. इसके आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अधीक्षक कल्याण मुखर्जी ने कहा कि मालदा पुलिस को इस बारे में कुछ नहीं पता. मालदा पुलिस को खबर मिली है कि उत्तर दिनाजपुर पुलिस ने रांगामाटी गांव से किसी को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पूरी जानकारी लेने के लिए उत्तर दिनाजपुर पुलिस से संपर्क किया जा रहा है.

अलाउद्दीन से मिली अहम जानकारी
गौरतलब है कि उत्तर दिनाजपुर के रायगंज के करनदीघी से 22 अगस्त को मोहम्मद अलाउद्दीन नाम के शख्स को छह हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया था. इसे भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार लश्कर आतंकी अब्दुल करीम टुंडा का करीबी बताया गया है. अब अलाउद्दीन से पूछताछ के बाद पुलिस ने अबु बकर को गिरफ्तार किया है. नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में टुंडा ने माना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने लश्कर- ए- तैयबा के सहयोग से भारत में जाली करेंसी की खपत बढ़ायी है. इसमें उसके कारिंदों की मदद ली. पश्चिम बंगाल के मालदा जिले को नकली नोट चलाने के लिए ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल किया गया. इस जानकारी के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां अब टुंडा और अलाउद्दीन के करीबियों की तलाश कर रही हैं.

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