चाईबासा ब्लड बैंक कांड: 5 बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने के आरोपी डॉक्टरों को झारखंड हाईकोर्ट से राहत

Edited by Sameer Oraon
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झारखंड हाईकोर्ट की तस्वीर

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने चाईबासा सदर अस्पताल में 5 बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने के आरोपी तत्कालीन सिविल सर्जन सहित दो डॉक्टरों की अग्रिम जमानत मंजूर की है. पढ़ें, क्या है पूरा मामला.

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रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट

Jharkhand High Court, रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में मासूम बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने के बेहद गंभीर मामले में आरोपी चिकित्सकों को बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपी डॉक्टरों की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) पर विस्तृत सुनवाई करते हुए उसे स्वीकार कर लिया है. अदालत ने मामले के दोनों प्रार्थी डॉक्टरों को अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान करने का आदेश जारी किया है.

इन दो डॉक्टरों को मिली कोर्ट से राहत

अदालत से राहत पाने वाले डॉक्टरों में चाईबासा के तत्कालीन सिविल सर्जन (Civil Surgeon) और ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. सुशांतो कुमार मांझी और मेडिकल ऑफिसर ब्लड बैंक के डॉ. दिनेश चंद्र शामिल हैं. सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रूपेश सिंह और अधिवक्ता हर्षित सहाय ने अदालत के समक्ष मजबूत पैरवी की. अदालत ने दोनों पक्षों और सरकार की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया.

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क्या है पूरा मामला

यह पूरा मामला चिकित्सा लापरवाही का एक बेहद बड़ा उदाहरण था, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था. इस सनसनीखेज केस को लेकर चाईबासा थाने में इसी साल 6 फरवरी 2026 को कांड संख्या-18/2026 के तहत दोनों डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी. आरोप था कि सदर अस्पताल चाईबासा के ब्लड बैंक प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण पांच मासूम बच्चों को बिना जांच के संक्रमित खून (Infected Blood) चढ़ा दिया गया था. खून चढ़ने के कुछ समय बाद जब बच्चों की जांच की गई, तो वे सभी एचआईवी पॉजिटिव (HIV Positive) पाए गए थे. इस खुलासे के बाद पूरे झारखंड में स्वास्थ्य महकमे के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया था और सरकार ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की थी. इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों डॉक्टरों ने हाइकोर्ट की शरण ली थी.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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