मां-बाप ने ही बेटी को दी बदतर जिंदगी, 16 साल से जंजीर से बांध रखा है

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मालदा: मानसिक रूप से बीमार एक लड़की को काबू में लाने के लिए सालिसी सभा (पंचायत) के फैसले के तहत विगत 16 सालों से उसे नंगे हालत में जंजीर से बांध कर रखा गया है. कुसंस्कार की यह कहानी मालदा शहर से 52 किलोमीटर दूर बामनगोला थाना अंतर्गत मदनाबती ग्राम पंचायत के नागागोला गांव की […]

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मालदा: मानसिक रूप से बीमार एक लड़की को काबू में लाने के लिए सालिसी सभा (पंचायत) के फैसले के तहत विगत 16 सालों से उसे नंगे हालत में जंजीर से बांध कर रखा गया है. कुसंस्कार की यह कहानी मालदा शहर से 52 किलोमीटर दूर बामनगोला थाना अंतर्गत मदनाबती ग्राम पंचायत के नागागोला गांव की एक लड़की की है.

मानसिक बीमारी से पीड़ित तृप्ति पाल नामक 30 वर्षीय लड़की को गाय की तरह घर के पीछे बांस की झाड़ी में जंजीर से बांध कर रख दिया गया है. उसे पहनने के लिए कपड़े तक नहीं दिये गये. ठंड में बोरे व बारिश में पॉलीथीन से उसे ढक कर रखा जाता है. उसे सुबह-शाम बासी भात व आलू खिलाया जाता है. वह जहां शौच करती है, वहां मिट्टी, राख फेंक कर मल को ढक दिया जाता है.

विगत 16 सालों से तृप्ति ऐसे ही जी रही है. उसके माता-पिता का साफ कहना है कि उनकी बेटी पागल है. वह गांव के लोगों को काटती रहती थी. इसलिए उसे जंजीर से बांध कर रखा गया है. गांव के मुखिया के निर्देश के तहत ही उसे जंजीर में बांध कर रखा गया है. आज इस खबर के फैलते ही पंचायत से लेकर प्रशासनिक खेमे में हलचल मच गयी. बामनगोला ब्लॉक के बीडीओ समीर कुमार दे ने बताया कि इस तरह से जंजीर से बांध कर किसी को कैद रखने का अधिकार किसी को नहीं है. ब्लॉक प्रशासन की टीम जल्द ही तृप्ति पाल के घर जायेगी. लड़की का जायजा लेने के बाद आवश्यक कदम उठाये जायेंगे. उन्होंने लड़की के परिवारवालों को ब्लॉक कार्यालय में बुलाया है. पेशे से मजदूर गदाधर पाल की इकलौती बेटी है तृप्ति. वह सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की है. तृप्ति के पिता ने बताया कि बेटी का इलाज कराया गया. लेकिन उनकी बेटी स्वस्थ नहीं हो पायी. गांव में सालिसी सभा बुलायी गयी. जहां तय हुआ कि तृप्ति को नियंत्रित करने के लिए उसे रस्सी व जंजीर से बांध कर रखना होगा. अगर गांववालों की बात नहीं मानते तो गांव छोड़ना पड़ता.

इसलिए तृप्ति को घर के पीछे बांस की झाड़ी में जंजीर से बांध कर रख दिया गया. उसे कपड़े पहनाने पर वह खोल देती है. खाना देने पर काटने की कोशिश करती है. इसलिए उसके सामने खाना व पानी का बर्तन रख दिया गया है. जब उसे जो जरूरत पड़ती है, वह इस्तेमाल करती है. गरीबी के कारण उसका इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा है. दूसरी ओर, मदनाबती ग्राम पंचायत की प्रधान तृणमूल कांग्रेस समर्थक तपति मुमरू ने बताया कि कब सालिसी सभा हुई थी, नहीं मालूम. उन्होंने इस घटना को दुखद करार दिया. उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्हें तृप्ति पाल के बारे में पता चला है. तृप्ति की इलाज के लिए ब्लॉक प्रशासन से गुहार लगायी गयी है. पंचायत की ओर से हरसंभव सरकारी सहायता का बंदोबस्त किया जायेगा.

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