वामो को ममता ने नहीं दिया सुझाव

Updated at : 11 Jun 2014 9:31 AM (IST)
विज्ञापन
वामो को ममता ने नहीं दिया सुझाव

कोलकाता: वाम मोरचा नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले के खिलाफ ठोस कदम उठाये जाने को लेकर सोमवार को बिमान बसु के नेतृत्व में वाम मोरचा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी. राज्य में वाम मोरचा के चेयरमैन बिमान बसु ने मंगलवार को इन खबरों से इनकार किया है, […]

विज्ञापन

कोलकाता: वाम मोरचा नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले के खिलाफ ठोस कदम उठाये जाने को लेकर सोमवार को बिमान बसु के नेतृत्व में वाम मोरचा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी.

राज्य में वाम मोरचा के चेयरमैन बिमान बसु ने मंगलवार को इन खबरों से इनकार किया है, जिसमें कहा गया था कि ममता बनर्जी ने उनसे वाम कैडरों के भाजपा में शामिल होने को देखते हुए उन्हें ‘अपना घर’बचाने का सुझाव दिया है.

बिमान बसु ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान स्पष्ट किया कि विगत सोमवार को मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के दौरान ऐसी कोई कोई वार्ता नहीं हुई. उन्होंने मीडिया के एक धड़े में इस सिलसिले में प्रकाशित रिपोर्ट को खारिज किया.

वरिष्ठ नेता ने कहा कि मुलाकात के दौरान वामपंथियों पर होनेवाले हमलों का ब्योरा दिया गया. साथ ही आठ सूत्री मांग की गयी. इन मांगों में श्रमिकों, शिक्षकों, किसानों सहित तमाम राज्यवासियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना, विपक्षी दलों पर हमले बंद होना, श्रमिकों व किसानों की जीविका पर हमला बंद किया जाना, झूठे मामलों में वाम मोरचा कार्यकर्ताओं को नहीं फंसाया जाना, महिलाओं की सुरक्षा, सांप्रदायिक शक्तियों को रोकना, शिक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले बंद करना शामिल हैं.

मुख्यमंत्री को सौंपे गये ज्ञापन में वाम मोरचा ने आरोप लगाया कि 14 मई 2011 से 20 मई 2014 तक करीब 157 वामपंथी नेता व कार्यकर्ताओं की हत्या हुई. आरोप के मुताबिक इस अंतराल के दौरान करीब 291 महिलाओं का दुष्कर्म, छेड़खानी के 675 व शारीरिक उत्पीड़न के करीब 1,035 मामले घटे. राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में 8,785 वाम मोरचा कार्यकर्ता घायल हुए, सौंपे ज्ञापन में लोकसभा चुनाव के दौरान आला वामपंथी नेताओं पर हमले का जिक्र भी किया गया. इनमें माकपा केंद्रीय कमेटी के सदस्य वासुदेव आचार्य, कांथी लोकसभा केंद्र से वाम मोरचा उम्मीदवार तापस सिन्हा, रानाघाट लोकसभा केंद्र की वाम मोरचा उम्मीदवार अर्चना विश्वास, मेदिनीपुर लोकसभा केंद्र से वाम मोरचा उम्मीदवार व भाकपा नेता प्रबोध पांडा, प्रदेश एटक के सचिव व आला परिवहन श्रमिक नेता नवल किशोर श्रीवास्तव पर हुए हमलों का ब्योरा है. राज्य के विभिन्न इलाकों में वाम मोरचा कार्यकर्ताओं के घरों में लूटपाट व तोड़फोड़ की गयी. जबरन उनकी जमीन पर कब्जा किया गया. इन हमलों में करीब 27,283 लोग प्रभावित हुए, जो लगभग 9811.83 एकड़ जमीन से वंचित हो गये. 48,382 लोगों को जबरन घर से निकाल दिया गया. साथ ही करीब 6,152 लोगों के घरों में तोड़फोड़ की गयी. 5,732 वाम मोरचा नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामलों में फंसाने का आरोप भी लगाया गया है. श्री बसु ने आरोप लगाया कि राज्यभर से लगभग 9,529 लोगों से करीब 27,87,08,000 रुपये जबरन वसूली की गयी. साथ ही 1,365 वामपंथी दलों के कार्यालयों में तोड़फोड़, आगजनी व जबरन कब्जा करने का मामला भी प्रकाश में आया.

राज्य में वाम मोरचा के चेयरमैन ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वाम मोरचा नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हमले व उपरोक्त मामलों को लेकर कई बार राज्यपाल एमके नारायणन को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. इतना ही कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों व डीएम को भी ज्ञापन सौंपे गये, लेकिन नतीजा नहीं निकला. उन्होंने कहा कि 13 जून को वाम मोरचा की अहम बैठक होगी. उस बैठक में अगले कार्यक्रमों की कार्यसूची तैयार की जायेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola