Uttarakhand Tunnel Collapse: टनल हादसे के महीनों बाद जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, पैनल डिजाइन में खामी पाई गई
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 21 Feb 2024 7:46 AM
Uttarkashi: Rescue operation underway after a portion of a tunnel under construction between Silkyara and Dandalgaon on the Brahmakhal-Yamunotri national highway collapsed, in Uttarkashi district, Sunday, Nov. 12, 2023. Around 40 workers are feared trapped. (PTI Photo)(PTI11_12_2023_000027A)
Uttarakhand tunnel collapse: उत्तराखंड में पिछले साल नवंबर में टनल हादसा हुआ था. जिसमें 41 मजबूर 17 दिनों तक फंसे हुए थे. सिल्कयारा सुरंग ढहने की जांच के लिए गठित पैनल ने हादसे के करीब एक महीने बाद जो रिपोर्ट दिया है, उसमें बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में पैनल ने डिजाइन में खामी को […]
Uttarakhand tunnel collapse: उत्तराखंड में पिछले साल नवंबर में टनल हादसा हुआ था. जिसमें 41 मजबूर 17 दिनों तक फंसे हुए थे. सिल्कयारा सुरंग ढहने की जांच के लिए गठित पैनल ने हादसे के करीब एक महीने बाद जो रिपोर्ट दिया है, उसमें बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में पैनल ने डिजाइन में खामी को उजागर किया है.
पैनल ने सुरंग हादसे को लेकर 70 पेज की रिपोर्ट सरकार को सौंपी
सिल्कयारा सुरंग ढहने की जांच के लिए गठित पैनल ने सरकार को 70 पेज की रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें परियोजना को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं. पैनल ने कहा, हादसे की स्थिति में भागने को कोई भी रास्ता और अलार्म सिस्टम नहीं था. वहीं सुरंग बनाने का काम कर रही कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम (NHIDCL) ने रिपोर्ट को खारिज कर दिया. एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशू मनीष खलखो ने कहा, हम निष्कर्षों से सहमत नहीं हैं.
NHIDCL ने कहा, सुरक्षा उपायों का पूरा ध्यान रखा गया
एनएचआईडीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर दीपक पाटिल ने कहा कि उन्होंने श्रमिकों के बचाव के लिए बिछाए गए पाइपों के माध्यम से इंजीनियरों और विशेषज्ञों को सुरंग के अंदर भेजा गया और वहां की स्थिति के बारे में अवलोकन किया गया. जैसे कि कितना पानी जमा है, बिजली, सुरंग में तैनात मशीनें, विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजन का स्तर, जहरीली गैसें. हमने निरीक्षण के दौरान मास्क और ऑक्सीजन के साथ सभी उपाय किए.
जांच-पड़ताल के बाद शुरू होगा टनल खुदाई का काम
एनएचआईडीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर दीपक पाटिल ने बताया, टनल खुदाई का काम दोबारा शुरू करने से पहले अंदर की स्थिति का अवलोकन करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे भेजेंगे. स्थिति से अवगत होने के बाद सुरंग से पानी निकालने नये पंप और ऑपरेटर लगाएंगे. ये सारे काम पूरा होने के बाद ही सुरंग का काम दोबारा शुरू किया जाएगा.
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पैनल ने श्रमिकों के लिए उचित ट्रेनिंग का दिया सुझाव
रिपोर्ट में श्रमिकों के लिए उचित प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है. इसमें कहा गया है कि विशेषज्ञों की एक तकनीकी सलाहकार समिति गठित की जानी चाहिए और नियमित अंतराल पर सुरंग का दौरा करना चाहिए. रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरंग ढहने की स्थिति के लिए आपातकालीन योजनाएं तैयार की जानी चाहिए. पैनल ने कहा, निर्माण कार्य पूरे होने के बाद भी नियमित निरीक्षण, रखरखाव और समय पर मरम्मत से छोटी-मोटी समस्याओं को बड़ा रूप लेने से रोका जा सकता है.
क्या है मामला
दरअसल पिछले साल नवंबर में 4.5 किलोमीटर लंबी सिल्कयारा सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था. जिसमें 41 मजदूर करीब 17 दिनों तक फंसे हुए थे. जिसमें झारखंड, बिहार और यूपी के भी मजदूर शामिल थे.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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