योगी सरकार देने जा रही पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय की सौगात

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 09 Jun 2026 8:46 AM

विज्ञापन

सीएम योगी आदित्यनाथ

आयुष शिक्षा को नई उड़ान मिलने वाली है. देवीपाटन, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में संस्थान स्थापित होंगे. चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज है, बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

विज्ञापन

योगी सरकार आयुष चिकित्सा प्रणाली को मजबूत बनाने और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. इसी क्रम में योगी सरकार ने पांच नए एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालयों की स्थापना का निर्णय लिया है. ये आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय गोंडा, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में स्थापित किए जाएंगे, जहां विद्यार्थियों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी. योगी सरकार के निर्णय से न केवल प्रदेश में आयुष शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी. नए महाविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा.

चार मंडलों में जमीन पहले से उपलब्ध

प्रमुख सचिव, आयुष रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को भी मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सस्ती तथा प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें. ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय के लिए पांच मंडलों में जमीन को चिन्हित कर लिया गया है. देवीपाटन मंडल में गोंडा के विकास खंड वजीरगंज के ग्राम कोडर में लगभग 14.82 एकड़ भूमि, मीरजापुर मंडल में सदर तहसील के ग्राम अकोढ़ी में 13.83 एकड़ भूमि, मेरठ मंडल के लिए गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील के ग्राम सैदपुर हुसैनपुर डलना में 11 एकड़ भूमि, आगरा मंडल में किरावली तहसील के ग्राम अकबरा में 13.5 एकड़ भूमि और बस्ती मंडल में हर्रैया तहसील के ग्राम जोगापुर में 15 एकड़ भूमि महाविद्यालय की  स्थापना के लिए चिन्हित की गयी है. इनमें से चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज है, जबकि बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

शिक्षा संस्थान शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी किए जाएंगे विकसित

आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि सभी पांच मंडलों में आयुष महाविद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध हो गयी है. वहीं वर्तमान में राजकीय एकीकृत आयुष महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का नक्शा तैयार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि नए आयुष महाविद्यालय केवल शिक्षा संस्थान नहीं होंगे, बल्कि शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे. यहां आयुर्वेदिक औषधियों, योग चिकित्सा, जीवनशैली आधारित उपचार और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा. इससे भारतीय चिकित्सा परंपरा को वैज्ञानिक आधार पर और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी. नए आयुष महाविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही मंडल में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। महाविद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, चिकित्सालय, अनुसंधान सुविधाएं और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिससे आयुष शिक्षा को नई गुणवत्ता और पहचान मिलेगी.

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola