ePaper

काशी में मोदी को टक्कर देंगी महान हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद की बेटी, भरा पर्चा

Updated at : 01 May 2019 5:53 PM (IST)
विज्ञापन
काशी में मोदी को टक्कर देंगी महान हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद की बेटी, भरा पर्चा

वाराणसी : काशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनाव में टक्कर देने वालों में महान हाॅकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद की बेटी हीना का भी नाम जुड़ गया है जिन्होंने महिलाओं के मसलों पर आवाज बुलंद करने के लिए आखिरी दिन पर्चा भरा. हीना को बखूबी पता है कि यहां मुकाबला उनके और मोदी के […]

विज्ञापन

वाराणसी : काशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनाव में टक्कर देने वालों में महान हाॅकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद की बेटी हीना का भी नाम जुड़ गया है जिन्होंने महिलाओं के मसलों पर आवाज बुलंद करने के लिए आखिरी दिन पर्चा भरा.

हीना को बखूबी पता है कि यहां मुकाबला उनके और मोदी के बीच नहीं है, लेकिन उन्हें हार का खौफ नहीं है. उन्होंने बताया, यह सोचकर बैठ तो नहीं जायेंगे ना कि मोदीजी को हराना नामुमकिन है. मुझे हार का खौफ नहीं है और राजनीति में मुझे लंबी पारी खेलनी है. मुझे पता है कि यहां बहुत से लोग मुझे जानते भी नहीं होंगे, लेकिन मैं उनसे एक मौका जरूर मांगूंगी. वाराणसी लोकसभा सीट से हीना ने जनहित पार्टी के टिकट पर आखिरी दिन अपना पर्चा भरा. मोदी के खिलाफ कांग्रेस ने अजय राय को प्रत्याशी बनाया है. सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी तेजबहादुर का नामांकन खारिज कर दिया गया है.

पेशे से फैशन डिजाइनर हीना की पहचान ओलिंपियन मोहम्मद शाहिद की बेटी के रूप में है और हाॅकी में जब ड्रिबलिंग का नाम आता है तो सबसे ऊपर शाहिद का नाम लिया जाता है. मास्को ओलिंपिक (1980) में स्वर्ण और एशियाई खेलों (1982 में रजत और 1986 में कांस्य) में पदक जीत चुके शाहिद उस दौर में हाॅकी के महानायक थे जब खेल से जुड़ाव रेडियो के जरिये ही होता था और रेडियो ‘शाहिद, शाहिद, शाहिद’ के उद्घोष से गूंजता रहता था. शाहिद का बनारस प्रेम किसी से छिपा नहीं था और उन्होंने 2016 में अंतिम सांस भी यहीं ली. यह पूछने पर कि क्या पिता को उनका दर्जा नहीं मिल पाने का मलाल उन्हें राजनीति में खींच लाया है, हीना ने कहा, मैं निजी मसलों को लेकर राजनीति में नहीं आयी. पापा के गुजरने के बाद कई दलों ने मां को राजनीति में आने के लिए कहा, लेकिन हम इसके लिए तैयार नहीं थे.

मैं महिलाओं के मसलों पर आवाज उठाने के लिए चुनाव लड़ रही हूं. हीना का मानना है कि मोदी ने पिछले पांच साल में वाराणसी में बहुत काम किया है, लेकिन उन्हें गुरेज जाति के आधार पर हो रही राजनीति से है. उन्होंने कहा, लगभग सभी राजनीतिक दल जाति के नाम पर युवाओं को बांट रहे हैं. देखकर मन दुखता है. इसका विरोध जरूरी है और उसके लिए आगे आना होगा. वाराणसी में 19 मई को मतदान होगा. पिछली बार मोदी ने यहां 5,81,023 वोट हासिल करके पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था. आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को 2,09,238 और अजय राय को 75,614 वोट मिले थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola